पांच साल बाद साहिबखेड़ी, उंडासा जलाशय ओवरफ्लो

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैनल:गातार हो रही बारिश के कारण न केवल गंभीर जलाशय बल्कि साहिबखेड़ी और उंडासा तालाब भी ओवरफ्लो हो गए है।

स्थिति यह है कि दोनों जलाशयों का पानी बाहर तक आ गया है और संबंधित ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। इसके अलावा पीएचई टीम की भी निगाह दोनों जलाशयों की स्थिति पर बनी हुई है। बता दें कि जिन दोनों तालाबों की बात यहां हो रही है, दोनों ही संबंधित गांवों में स्थित है। प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब पांच वर्षों बाद उक्त दोनों जलाशयों में ओवरफ्लो की स्थिति निर्मित हुई है।

जिस तरह से बारिश हो रही है, उससे इस वर्ष एक माह के दौरान गंभीर जलाशय के १६ बार गेट खोले गये है। ताकि जलाशय का लेबल मेटेंन किया जा सके। बता दें कि जलाशय की क्षमता २२५० एमसीएफटी है। पीएचई के सहायक यंत्री नरेश कुवाल ने अक्षरविश्व को बताया कि एक माह में १६ बार गेट खोलने की स्थिति करीब नौ वर्षों बाद बनी है। इसके पहले वर्ष २०११ में इतनी अधिक बार गंभीर जलाशय के गेट खोले गये थे। उन्होंने बताया कि आज भी गंभीर जलाशय का तीन नंबर गेट सुबह से ही खुला हुआ है।

यदि आज दोपहर तक पानी की क्षमता पूर्ववत स्थिति पर आती है तो ही गेट बंद किया जा सकेगा। श्री कुवाल के अनुसार उंडासा तालाब की जलग्रहण क्षमता २२० एमसीएफटी तथा साहिबखेड़ी जलाशय की क्षमता ४४६ एमसीएफटी है। बता दें कि गंभीर जलाशय के गेट खोलने का सिलसिला ७ अगस्त से शुरू किया गया था तथा स्थिति यह हो गई है कि बीते दो दिनों से तो पूरे तीस घंटे से अधिक समय तक एक गेट खुला रखा गया।

उज्जैन में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विशेषज्ञों ने बताया प्रदेश में अभी तीन तरह के सिस्टम सक्रिय है, जबकि उज्जैन में ऑरेंज अलर्ट सक्रियता बनाए हुए है। इसे अति भारी वर्षा का सिस्टम कहा जाता है। इस सिस्टम के कारण उज्जैन के साथ ही देवास, इंदौर, बड़वानी, दमोह, राजगढ़, विदिशा शहरों में अति भारी वर्षा होने की संभावना है। दो अन्य सिस्टमों में रेड अलर्ट और येलो अलर्ट शामिल है। रेड का अर्थ अत्याधिक भारी बारिश और येलो अर्लट का अर्थ भारी बारिश बताया गया है।
किस अलर्ट का क्या मतलब

ग्रीन – कोई खतरा नहीं

येलो अलर्ट – खतरे के प्रति सचेत रहें। मौसम विभाग के अनुसार येलो अलर्ट के तहत लोगों को सचेत रहने के लिए अलर्ट किया जाता है। यह अलर्ट जस्ट वॉच का सिग्नल है।

ऑरेंज अलर्ट – खतरा, तैयार रहें। मौसम और खराब होता है तो येलो अलर्ट को अपडेट करके ऑरेंज कर दिया जाता है। लोगों को इधर-उधर जाने के प्रति सावधानी को कहा जाता है।

रेड अलर्ट – मौसम खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है और नुकसान होने की आशंका होती है।

बड़े पुल को छूने के लिए बेताब शिप्रा
आज सुबह भी छोटे पुल के ऊपर से शिप्रा के बाढ़ का पानी दस फीट से उपर बह रहा था। शिप्रा के जल स्तर की बढ़ती स्थिति रही तो आज शाम तक या कल सुबह तक बाढ़ का पानी बड़े पुल के ऊपर तक आ सकता है। छोटे पुल पर पुलिस प्रशासन ने महज बेरिकेट्स लगाकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली है। इसके अलावा बाढ़ के पानी में ही कतिपय उत्साही युवा नहाते हुए भी नजर आ सकते है, जबकि पानी बढऩे का खतरा लगातार बना हुआ है। ऐसे युवकों को रोकने वाला भी कोई नहीं दिखाई दे रहा है।

दो दिनों तक और भारी वर्षा
मौसम विभाग भोपाल से प्राप्त जानकारी के अनुसार आगामी दो दिनों के भीतर पूरे प्रदेश के साथ ही उज्जैन आदि शहरों में भारी वर्षा होने की संभावना है। अभी उड़ीसा में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है तथा इसी कारण पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश हो रही है। इधर शासकीय जीवाजीराव वेधशाला से प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते चौबीस घंटे में डेढ़ इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है और अभी तक कुल वर्षा का आंकड़ा ४१ इंच दर्ज किया जा चुका है।