पाकिस्तान से आए 35 सिंधियों को मिली नागरिकता, हजारों कतार में

इंदौर। पाकिस्तान से भारत आकर बसे 35 सिंधियों को लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने नागरिकता प्रमाण-पत्र वितरित किए। कार्यक्रम जैकोबाबाद पंचायत भवन पलसीकर कॉलोनी में रविवार शाम 4 बजे हुआ। पांच लोगों को कलेक्टर सोमवार को अपने दफ्तर में प्रमाण-पत्र देंगे।
इंदौर कलेक्टर को राज्य सरकार ने पाकिस्तान से आए सिंधी समाज के लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने के लिए दो साल अधिकार दिया है। 15 महीने बीत चुके हैं। समाज के 5000 से अधिक फॉर्म जमा हैं। पाकिस्तान से 342 लोगों का अनापत्ति-पत्र मिल चुका है। इतने कम समय में इतने ज्यादा लोगों को नागरिकता मिल पाना बहुत मुश्किल लग रहा है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि लोस स्पीकर ने कहा कि वे बहुत दुखी हैं। दूसरे देश से आए इस समाज के लोगों ने बहुत कठिनाइयां झेली हैं।

जो लोग नागरिकता से वंचित रह गए हैं, उन्हें भी शीघ्र दी जाएगी। सिंधी समाज के राजा मांधवानी ने बताया कि पाकिस्तान से आने वाले सिंधियों से यहां आने का कारण बार-बार पूछा जाता है, जबकि सभी को पता है कि वहां समाज के लोग सुरक्षित नहीं हैं। सभी से धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है।

पासवर्ड आने में हुई देर: समाज के प्रकाश पारवानी ने बताया कि लगभग 5000 लोगों ने आवेदन किए हैं। इनमें के 342 के लिए पाकिस्तान की तरफ अनापत्ति मिल गई है। दो साल पूरे होने के बाद कलेक्टर बचे हुए लोगों को नागरिकता नहीं दे पाएंगे। कलेक्टर निशांत वरवड़े ने बताया कि नागरिकता देने का अधिकार मिला, तब गृह मंत्रालय से सॉफ्टवेयर भी दिया गया था लेकिन उसका पासवर्ड आने में समय लगा। नागरिकता देने के लिए डिजिटल हस्ताक्षर भी जरूरी है।

इस प्रक्रिया में भी समय लगा। इस कारण इतने कम लोगों को नागरिकता मिल पाई है। अभी भी समय है। अधिक से अधिक लोगों को नागरिकता देने की कोशिश की जाएगी। स्पीकर ने कार्यक्रम में कहा कि जब कलेक्टर को नागरिकता देने का अधिकार दे सकते हैं, तो दो साल समय सीमा बढ़ा भी सकते हैं। यदि सिंधी समाज के आवेदन करने वाले सभी लोगों को नागरिकता नहीं मिलती है तो समय बढ़ा दिया जाएगा।

78 की उम्र में मिली नागरिकता: सिंधी समाज अध्यक्ष घनश्याम मलानी ने बताया आशावंती लालचंद 15 साल पहले पाकिस्तान से इंदौर आई थीं। 78 की उम्र में रविवार को उन्हें नागरिकता मिली। कलेक्टर ने बताया जिन पांच लोगों को धारा 61 के तहत नागरिकता दी जानी हैं, वे सोमवार को कलेक्टोरेट में शपथ लेंगे। इन्हें शपथ-पत्र भी जमा करना होगा। इसके बाद नागरिकता मिलेगी।