पागल कुत्तों ने नौ बच्चों को काटा

उज्जैन। आवारा कुत्तों से बच्चों की जान सांसत में है। सोमवार को ही आवारा कुत्तों ने नीलगंगा क्षेत्र में ६ बच्चों को तथा गुदरी क्षेत्र में ३ बच्चों सहित एक बकरी को घायल कर दिया। नगर निगम आवारा कुत्तों को पकडऩे का सख्त अभियान चलाने को तैयार नहीं।
सोमवार को नीलगंगा, जबरन कॉलोनी निवासी किरण पिता सुरेश (१३), भाई अंबाराम पिता सुरेश (१०), पड़ोसी राम पिता बाबू (१०) सहित ६ अन्य लोगों को आवारा कुत्ते ने काटा। तीनों बच्चों को सुबह जिला चिकित्सालय में इंजेक्शन लगवाने परिजन पहुंचे तथा किरण व अंबाराम की मम्मी ने आक्रोश जाहिर किया कि आवारा कुत्तों को नगर निगम पकड़ती नहीं। हमारे बच्चे इस तरह खतरे में है। उनकी जान की जोखिम बन आई है।

इसी प्रकार गुदरी निवासी अशान पिता अशलम (४) को पिता और चाचा जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि दो अन्य बच्चों सहित बकरी को भी आवारा कुत्ते ने शिकार बनाया है।

रोज आ रहे 70-80 घायल-पीडि़त
जिला अस्पताल में रोज ७०-८० लोग आवारा कुत्तों के काटने के बाद आ रहे है। अभी अस्पताल में ४ हजार इंजेक्शनों का स्टॉक है लेकिन जिस तरह से घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है उससे यह स्टॉक ऊंट के मुंह में जीरे समान है।