पार्टनर से झगड़ा हो तो फौरन ये फॉर्मूला अपनाएं, वो चाहकर भी आपसे दूर नहीं जा पाएंगे

रिश्तों के बीच की आपसी समझ और सम्मान न केवल आपके रिश्तों को मजबूती देती है, बल्कि इससे बढ़ती दूरियां भी खत्म हो जाती हैं। रिश्ते मजबूत बने रहें, इसके लिए रिश्तों के बीच विश्वास की खाद डालना बेहद ही जरूरी है। अगर रिश्तों में दूरी का एहसास होने लगे तो हर किसी को फौरन ये पांच काम करने चाहिए…

नियम बनाएं
ऑफिस हो या घर, नियम से चलना हर जगह सहायक होता है। रिश्ते निभाने और उन्हें मजबूती देने के लिए भी कुछ नियमों का पालन करना बेहद ही जरूरी है। रिश्तों को मजबूती देने के लिए सबसे जरूरी बात है कि आपके बीच आपसी समझ कितनी है।

अगर आप सामने वाले को समझते हैं, तो आप और करीब आते हैं। अक्सर देखा जाता है कि थोड़ी सी लड़ाई के बाद रिश्ते टूट जाते हैं। ध्यान रहे, लड़ाई भी वहां होती है, जहां प्यार होता है। इसलिए जरूरी नहीं कि लड़ाई के बाद रिश्तों को खत्म ही कर दिया जाए। अगर आपकी किसी से लड़ाई हो भी जाती है, तो एकदम से मुंह न फुलाएं। आपसी बातचीत और समझ से गलतियों को दूर करने की कोशिश करें। ऐसा करेंगे, तो रिश्तों में मजबूती आएगी और प्यार भी बना रहेगा।

गलतफहमी दूर करें
गलतफहमी आपके रिश्तों को बिगाड़ भी सकती है और सुधार भी सकती है। इसलिए रिश्तों के बीच गलतफहमियां न आने दें। रिश्ते टूटने की सबसे बड़ी वजह होती हैं गलतियां करना और बार-बार उनको दोहराना। अगर गलती हो भी गई है, तो उसके लिए सामने वाले से माफी मांगे। इससे आपका कद सामने वाले की नजरों में बढ़ जाएगा और रिश्ते भी नहीं बिगड़ेंगे।

रिश्ते में ईगो की जगह नहीं
अहम की भावना भी रिश्तों को कमजोर बनाती है। अक्सर होता है कि हम सोचते हैं कि सामने वाला बात नहीं कर रहा, तो मैं क्यों करूं, गलती सामने वाले की है, तो मैं क्यों झुकूं? रिश्तों की मधुरता बनी रहे, इसके लिए जरूरी है कि अहम को बीच में न आने दें। जब सुख-दुख में सामने वाला हमारे साथ था, तो आपसी रिश्तों पर हम अहम या अंहकार की छाया क्यों पड़ने दें। अगर आपसे कोई गलती हो भी जाती है, तो उस गलती के लिए माफी मांगने से परहेज न करें। माफी हर समस्या का समाधान है।

पहल करें
भागदौड़ भरी जिंदगी में समय की कमी के कारण हम रिश्तों को समय नहीं दे पाते। नतीजा रिश्ते सुलझने की बजाय और बिगड़ जाते हैं। रिश्तों के बीच बढ़ती खटास को दूर करने के लिए पहल करने की शुरुआत कीजिए। इस बात का इंतजार करेंगे कि सामने वाला पहल करेगा, तो समस्या हल नहीं होगी। सामने वाले की भावनाओं की कद्र कीजिए। मधुरता बढ़ जाएगा। रिश्तों का मतलब एक दूसरे की जरूरतों को समझना भर नहीं है।

खुशहाल रिश्तों का मतलब है कि सामने वाले की मन की बात को समझिए। आजकल स्मार्टफोन या इंटरनेट का प्रयोग बच्चे, युवा, अधेड़, लगभग सभी उन्र के लोग करते हैं। रिश्तों के बीच की दूरियां मिटाने के लिए यदि आपको बोलने में असहजता हो रही है, तो एक प्यार भरा या माफी भरा मैसेज ही कर दीजिए। ऐसा करने से दोनों में भरोसा भी कायम रहेगा।

रिश्तों के बीच पैसा न लाइए
पैसा कमाने के लिए मेहनत करना अच्छी बात है, लेकिन रिश्तों के बीच पैसे को लाना बहुत ही बुरी बात है। आज के समय में रिश्ते टूटने या बिगड़ने के पीछे की सबसे बड़ी वजह है पैसा। पैसे से आप सुविधाएं तो जुटा सकते हैं, लेकिन रिश्ते नहीं खरीद सकते। मजबूत रिश्तों के लिए प्यार और सम्मान की जरूरत होती है, पैसा तो बस एक भ्रम है।