फर्जी बैंक अधिकारी बनकर खातों से उड़ा लिए हजारों रुपए

इंदौर। शहर में अलग-अलग स्थानों पर तीन लोगों को मोबाइल पर कॉल करने वालों को अपने एटीएम कार्ड की जानकारी देना महंगा पड़ गया। फर्जी बैंक अधिकारी बने ठगोरों ने उनके कार्ड की जानकारी के बाद खातों से हजारों रुपए उड़ा लिए। तीनों ही मामलों में पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है।
पहला मामला भवानी नगर का है। यहां रहने वाले मोहनलाल पिता बद्रीलाल सूर्यवंशी के मोबाइल नंबर पर ठगोरे ने बैंक मैनेजर बनकर फोन किया और एटीएम कार्ड का नंबर पूछा। कार्ड का नंबर बताने पर आरोपी ने उसके खाते से 45 हजार रुपए निकाल लिए। मोबाइल पर मैसेज के जरिए इसकी जानकारी मिलने पर उन्होंने बैंक से संपर्क किया तो बताया गया कि हमारे यहां से न तो किसी ने फोन किया और न ही बैंक इस तरह फोन करके किसी के कार्ड के नंबर पूछती है। इस पर फरियादी मोहनलाल ने बाणगंगा पुलिस में आवेदन दिया। पुलिस ने जांच के बाद तीन महीने बाद धोखाधड़ी का केस दर्ज किया।

इसी प्रकार मामला कनाडिय़ा के वैभव नगर में रहने वाले अखिलेश राका की पत्नी शोभा का सामने आया। उसके मोबाइल नंबर पर एक व्यक्ति ने फोन करके कहा कि आपका एटीएम लॉक हो गया है और उनके भारतीय रिजर्व बैंक के जाइंट अकाउंट के एटीएम कार्ड का नंबर पूछा। नंबर बताने पर कुछ ही देर में बैंककर्मी बनकर ठगी करने वाले ने 50 हजार रुपए निकाल लिए। मोबाइल पर मिले मैसेज के बाद उसने यह जानकारी पति को दी और इसके बाद वे पुलिस में शिकायत करने पहुंचे।

वहीं तीसरी घटना एरोड्रम थाना अंतर्गत आराधना नगर की है। यहां रहने वाली कुमारी प्रोमिता मलिक के मोबाइल नंबर पर ठगोरे ने बैंककर्मी बनकर उसका एटीएम कार्ड का नंबर पूछा और उसके खाते से हजारों रुपए निकालकर धोखाधड़ी की। तीनों ही मामलों में पुलिस मोबाइल नंबरों के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है।