बंगाली चौराहे पर नगर निगम ने तीन मकान तोड़े

इंदौर– नगर निगम द्वारा बंगाली चौराहे पर तीन मकानों को तोडऩे की कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। यह मकान विकास में बाधक बन रहे थे। इसके परिणाम स्वरूप इन मकानों के स्वामियों को पहले नोटिस दिया गया था।

निगम के द्वारा बंगाली चौराहे के विकास के कामों को तेजी से गति देने की दिशा में पहल शुरू कर दी गई है। इसके तहत एक तरफ जहां चौराहे का विकास किया जा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ सड़क के चौड़ीकरण का काम भी किया जा रहा है।

इन कामों को निगम द्वारा कुछ माह पूर्व मंजूरी दी गई थी। तब यह तय किया था कि इस चौराहे के आसपास के मार्गों की सड़क को 100 फीट चौड़ाई में विकसित करना है

। इसके लिए सड़क का चौड़ीकरण करते हुए उसमें बाधक निर्माणों को हटाया जाना है। इसके लिए निगम ने इस क्षेत्र में सर्वे का काम किया था। सेंट्रल लाइन डालकर इस लाइन से दोनों तरफ 50-50 फीट के क्षेत्र को सड़क के निर्माण के लिए चिह्नित किया था।

इस क्षेत्र में निगम टीम ने मकानों पर लाल निशान लगाकर सड़क की चौड़ाई में बाधक निर्माण हटाने के लिए नागरिकों को समय दिया था। इसके बावजूद भी नागरिकों द्वारा निर्माण हटाने की कार्रवाई नहीं की गई। इसका परिणाम यह हुआ कि निगम की ओर से अब खुद कार्रवाई करने के लिए मैदान संभालना पड़ा है।

निगम की रिमूव्हल गैंग सोमवार को बंगाली चौराहा क्षेत्र में दोपहर बाद पहुंच गई। वहां इस गैंग के द्वारा सड़क चौड़ीकरण में बाधक मकानों के निर्माणों के हिस्से तोडऩे की कार्रवाई को शुरू किया गया। इस कार्रवाई में सोमवार को निगम की टीम ने एक के बाद एक तीन मकानों के हिस्से तोड़ दिए।

जेसीबी और पोकलेन मशीन की मदद से इन निर्माणों को तोड़ा गया। जिन निर्माणों को तोड़ा है उसमें पक्के मकान ही है जो कि कई मंजिला बने हुए थे। इन मकानों के हिस्सों को तोड़कर जमींदोज किया गया। इसके साथ ही हाथोंहाथ मलवा उठाने की कार्रवाई को भी शुरू किया गया।

रहवासियों ने संभाला मोर्चा-निगम की इस कार्रवाई के विरोध में क्षेत्र के रहवासियों ने मोर्चा संभाल लिया। रहवासी कार्रवाई का विरोध कर रहे थे। इनका कहना था कि अभी जो सड़क की चौड़ाई है वह पर्याप्त है, इससे ज्यादा चौड़ाई की इस क्षेत्र में कोई आवश्यकता नहीं है। निगम द्वारा मनमानी करते हुए सड़क के चौड़ीकरण के कार्य को अंजाम दिया जा रहा है।

इनका यह भी कहना था कि यदि निगम को सड़क ही चौड़ी करना है तो हमें अपने मकान के हिस्से हटाने के लिए पर्याप्त समय दें। हम नहीं चाहते हंै कि निगम द्वारा मशीनों के माध्यम से मकान के हिस्से तोड़े जाए।

10-10 फीट टूटेंगे मकानों के हिस्से-इस बारे में इस क्षेत्र के नगर निगम के झोनल अधिकारी इंजीनियर वैभव देवलासे का कहना है कि निगम द्वारा क्षेत्र के रहवासियों को अपने निर्माण हटाने के लिए पर्याप्त समय पूर्व में ही दिया जा चुका है। जब इन रहवासियों द्वारा खुद निर्माण तोडऩे की पहल नहीं की गई तो निगम को मजबूरी में आकर अपनी मशीनों के माध्यम से कार्रवाई को अंजाम देना पड़ा है।

सड़क चौड़ीकरण के इस कार्य में सड़क के दोनों और बनाए मकानों के 10-10 फीट हिस्से तोडऩे की जद में आ रहे हंै। इन हिस्सों को तोडऩे के उपरांत ही यहां सड़क का निर्माण किया जा सकेगा। नगर निगम द्वारा चौराहे के विकास और सड़क के चौड़ीकरण के कार्य को एक साथ एक-दूसरे के समानांतर चलाया जा रहा है

पुलिस ने संभाली स्थिति-निगम द्वारा जब कार्रवाई करने के लिए मोर्चा लिया गया तब क्षेत्र के रहवासियों द्वारा विरोध शुरू कर दिए जाने के कारण ऐसा लगने लगा था कि निगम की टीम को कार्रवाई किए बगैर ही बैरंग लौटना पड़ेगा, लेकिन मौके पर पुलिस बल की मौजूदगी ने नगर निगम की समस्या का समाधान किया। पुलिस ने पहले तो निगम के अधिकारियों को इन रहवासियों को समझा-बुझाकर शांत करने का मौका दिया, लेकिन जब कुछ लोग उत्पात पर ही उतारू हो गए तो ऐसे लोगों को पुलिस ने अपनी भाषा में समझाया तब जाकर यह कार्रवाई शुरू हो सकी।