बच्ची को नदी में फेंकने वाले की तलाश

उज्जैन। ट्रेजर बाजार के सामने स्थित विकास प्राधिकरण की सब्जी मण्डी में बदनावर सहित अन्य ग्रामीण इलाकों से आये 200 मजदूरों ने डेरा जमा रखा है। कल तड़के यहीं से एक मजदूर की 11 माह की बेटी को अज्ञात व्यक्ति उठाकर ले गया और होटल शांति पैलेस के पीछे स्थित शिप्रा नदी में फेंक दिया था। बच्ची की पानी में डूबने से मृत्यु हुई। नानाखेड़ा पुलिस ने मामले में बच्ची के पिता सहित 3 संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
नानाखेड़ा स्थित विकास प्राधिकरण की बंद पड़ी सब्जी मण्डी में सो रहे उमेश की 11 माह की पुत्री शिवानी को तड़के 4 बजे के करीब अज्ञात बदमाश उठाकर ले गया। सुबह नींद से जागने पर उमेश और उसकी पत्नी ने पुत्री की तलाश की नहीं मिलने पर नानाखेड़ा थाने में सूचना भी दी। पुलिस को सूचना मिली कि बच्ची का शव शांति पैलेस के पीछे स्थित शिप्रा नदी में पड़ा है। पुलिस ने शव की शिनाख्त शिवानी पिता उमेश के रूप में की और बच्ची के शव को पीएम के लिये जिला चिकित्सालय पहुंचाया। यहां पुलिस को पता चला कि बच्ची के पैर की चांदी की पायलें गायब थीं और उसकी मृत्यु पानी में डूबने से हुई है।

पुलिस ने सब्जी मण्डी के आगे लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच की तो पता चला कि सफेद शर्ट पहने एक युवक बच्ची को ले जा रहा था। इसी आधार पर पुलिस ने डेरे में रहने वाले मुन्नालाल, आनंदीलाल निवासी बदनावर सहित बच्ची के पिता उमेश को भी हिरासत में लिया है। पुलिस उक्त लोगों से पूछताछ कर रही है, जबकि सब्जी मण्डी में डेरा जमाये मजदूरों ने चुप्पी साध ली है। यहां करीब 200 लोग परिवार के साथ रह रहे हैं लेकिन उमेश या उसकी बच्ची के मामले में कोई कुछ बताने को तैयार नहीं।