बड़े काम का होता है कच्चा पपीता, एक नहीं 7 रोगों का करता है इलाज

यह तो हम सभी जानते हैं कि पपीता हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है पर क्या आपको मालूम है कि कच्चा पपीता भी हमारी सेहत के लिए बहुत अच्छा है। इसमें मौजूद विटामिन हमें कई बीमारियों से दूर रखने में मदद करते हैं। इसे सेवन आप चटनी, सब्जी, सैलेड और पराठे के तौर पर कर सकते हैं। जानें इससे होने वाले फायदों के बारे में…

डायबिटीज में फायदेमंद
डायबिटीज के पेशेंट्स के लिए कच्चा पपीता किसी वरदान से कम नहीं है। इसका सेवन खून में शुगर की मात्रा को कम करता है और इंसुलिन की मात्रा को बढ़ाता है। इससे डायबिटीज कंट्रोल में रहती है।

कैंसर से बचाव
कई रिसर्च में पाया गया है कि कच्चे पपीते का नियमित तौर पर सेवन करने से कोलन और प्रोस्टेट कैंसर का खतरा कम होता है। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट, फीटोन्यूट्रिएंट्स और फ्लेवोनॉयड्स हमारे शरीर में कैंसर की कोशिकाओं को बनने से रोकते हैं।

वजन कम करने में फायदेमंद
वजन कम करने के लिए रोज भोजन के साथ कच्चे पपीता का सेवन करें। इसके सेवन से शरीर में जमा अतिरिक्त फैट निकल जाता है। इसके लिए आप कच्चे पपीते को कदूकस कर के दही के साथ मिलाकर भी खा सकते हैं।अगर आप कच्चे पपीते को सलाद के तौर पर खाना चाहते हैं तो वो भी बहुत फायदेमंद है।

यूरिन इंफेक्शन
अक्सर महिलाओं को यूरिन इंफेक्शन की समस्या हो जाती है। कच्चा पपीता इससे राहत दिलाने में भी कारगर है। यह इंफेक्शन की परेशानी को खत्म करके बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है।

गठिया में फायदेमंद
कच्चे पपीते का सेवन जोड़ों के दर्द को दूर करने में भी बहुत फायदेमंद है। इसके लिए आप 2 लीटर पानी उबाल लें। इसके बाद पपीते को धोकर और इसके बीज निकालकर पानी में 5 मिनट तक उबालें। अब 2 चम्मच ग्रीन टी की पत्तियां डालें और थोड़ी देर तक उबलने दें। अब इसे छानकर बोटल में भर लें। दिनभर इस पानी को पीतें रहें।

लीवर रहेगा स्वस्थ
कच्चे पपीते का सेवन हमारे लीवर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। यह लीवर को मजबूती देता है। जब कभी लीवर में कुछ शिकायत हो तो कच्चा पपीता को अपनी डाइट में शामिल करें। यह लीवर को काफी फायदा पहुंचता है।

ब्रैस्ट फीडिंग में फायदेमंद
जो महिलाएं अपने बच्चे को ब्रैस्ट फीडिंग कराती हैं उन्हें ज्यादा न्यूट्रिशंस की जरूरत पड़ती है। ऐसे में उनके लिए कच्चे पपीते का सेवन बहुत अच्छा रहता है, क्योंकि यह शरीर में सभी एंजाइम की कमी को पूरा करके दूध बढ़ाने में मदद करता है।