बदलाव की राह पर ध्यान रखें ये 5 बातें, सफलता आपके कदम चूमेगी

वक्त का बदलना एक सतत प्रक्रिया है। दिन-रात, मौसम, जन्म-मृत्यु और बदलाव एक निरंतर चक्र है। समय और जीवन का बदलाव चक्र।

बिना बदलाव तरक्की नहीं हो सकती। प्रकृति भी बदलाव में यकीन करती है। जो बीत गया उसका शुक्र मनाते हुए आगे बढ़ना आना चाहिए। साथ ही जो आने वाला है उसका स्वागत करने के लिए भी तैयार रहना चाहिए। हमें हर बार नई सोच, नई ऊर्जा, नए विचारों, नए लक्ष्यों और नए संकल्पों के साथ नई शुरुआत करनी चाहिए। बीते अनुभव से सीख लें और आगे बढ़ जाएं। मगर बदलाव की राह पर ये 5 बातें जरूर ध्यान रखनी चाहिए। जानें इन्हें

1. पसंद: जब कभी भी बदलाव का सामना होता है,  तब आपके सामने दो तरह के विकल्प होते हैं-उसे स्वीकार करें या कन्नी काट लें। स्वीकार करने में हिम्मत और विश्वास की जरूरत होती है, चूंकि कंफर्ट जोन से बाहर कदम रखने में हमेशा हिचक होती है। लेकिन जब आप पूरे विश्वास से बढ़ते हैं तो उत्साह के साथ संभावनाओं का उदय होता है।

2. खुशी: हमेशा खुशी को तरजीह दें, अपने लिए भी दूसरों के लिए भी। खुशी एक ऐसा विकल्प है,जो हमें हमारे भीतर से ही मिल सकता है। हर चीज के उज्ज्वल पक्ष पर ध्यान केंद्रित करें, उदाहरण के लिए खुद से पूछें-मैं इससे क्या सीख सकता हूं? या धन्यवाद व आभार के साथ हर चीज को स्वीकार करें। खुशी खुद ही करीब आती दिखेगी।

3. स्थिरता का भाव लाएं: अपनी वास्तविकता और बुद्धि कौशल का प्रयोग करें। इनका आपके भौतिक अस्तित्व से ज्यादा महत्व है। जीवन में जब कभी उतार-चढ़ाव वाले क्षण आएं, अपने मन और आत्मा को और विस्तार देने के लिए इन्हीं अनुभवों की मदद लीजिए। स्थिर चित्त रहेंगे तो कठिन हालात से भी निकल आएंगे।

4. तरक्की: जब आप समय और बदलाव को स्वीकार करते हुए आगे बढ़ते हैं तो आप आगे बढ़ते जाते हैं। आप अपने से बड़ी ताकत को स्वीकार करते हैं, आपका विश्वास बढ़ता है और उसका प्राकृतिक प्रतिफल होता है आपकी तरक्की।

5. नई उत्पत्ति : इस तरीके से बदलाव को स्वीकार करने के बाद मिलने वाली ताकत और वास्तविकता के धरातल से होती है नई उत्पत्ति। नए दोस्त, संबंध, सफलताएं, उत्साह व खुशियां। आने वाले समय के लिए अपने उत्साह में कमी न आने दें और खुली बांहों से बदलाव को आत्मसात करें। हर कदम में छिपे रहस्यों और उत्साह को पूरी प्रसन्नता के साथ स्वीकार करें।

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