भगवान श्रीराम ने की थी चिंतामण गणेश की स्थापना

उज्जैन में गणेशजी का एक सिद्ध स्थान है, जिसका नाम है चिंतामण गणेश मंदिर। मान्यता है कि इस मंदिर की स्थापना भगवान श्रीराम ने की थी। यहां आने वाले भक्तों की सभी चिंताएं गणेशजी दूर करते हैं, इसीलिए इन्हें चिंतामण गणेश कहा जाता है। श्रीराम ने वनवास काल में की थी इस मंदिर की स्थापना पुरानी मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर का इतिहास रामायण काल से जुड़ा है। श्रीराम वनवास के दौरान उज्जैन भी आए थे। श्रीराम, सीता और लक्ष्मण के साथ इस क्षेत्र के वन में घूम रहे थे, तब सीता को प्यास लगी। सीता की प्यास बुझाने के लिए लक्ष्मण ने अपने बाण से एक बावड़ी बना दी थी। यह बावड़ी चिंतामण के पास ही स्थित है। श्रीराम को इस क्षेत्र की धरती दोषपूर्ण प्रतीत हो रही थी, इसलिए उन्होंने यहां के दोष मिटाने के लिए गणेशजी का मंदिर स्थापित किया था। यहीं मंदिर चिंतामण गणेश के नाम से प्रसिद्ध है।