भाजपा की जीत इस बार आसान नहीं, सपाक्स के प्रत्याशी खड़े होने से होगी मुश्किल

उज्जैन। इस बार 200 पार का नारा लगाने वाली भारतीय जनता पार्टी के लिये जीत की राह आसान नजर नहीं आ रही है क्योंकि प्रदेश की सभी 230 सीटों पर सपाक्स ने प्रत्याशी खड़े करने की घोषणा की है। जिसके चलते न केवल भाजपा के वोट कटेंगे बल्कि कई सीटों पर प्रत्याशी के पराजित होने की भी आशंका है। सन 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बहुमत प्राप्त किया था और इस बार भी वह 200 से ज्यादा सीटें जीतने का अनुमान लगाये हुए है। भाजपा का मानना है कि कांग्रेस के बीच जिस प्रकार से गुटबाजी कायम है उसका फायदा उसे मिलेगा लेकिन एट्रोसिटी एक्ट एवं आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने जो रवैया अपनाया उसके कारण सामान्य वर्ग में नाराजगी बनी हुई है।

हालांकि भाजपा के वरिष्ठ नेता सामान्य वर्ग के लोगों को मनाने में जुटे हुए हैं, लेकिन इसमें कितना सफल हो पाते हैं यह कहना अभी मुश्किल है। उज्जैन जिले की सात विधानसभा सीटों में से सपाक्स द्वारा प्रत्याशी खड़े किये जाने का सबसे ज्यादा असर उज्जैन दक्षिण, उज्जैन उत्तर, नागदा, खाचरौद और बडऩगर में दिखाई पड़ेगा क्योंकि इन क्षेत्रों में सामान्य वर्ग के मतदाताओं की संख्या ज्यादा है।