मकर संक्रांति स्नान की तैयारियां पूरी…घाटों का रंगरोगन कर हटाए अतिक्रमण

प्रतिनिधि. उज्जैन। मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं को साफ पानी में स्नान कराने के लिए नगर निगम द्वारा पिछले दिनों से तैयारियां की जा रही हैं जिसके तहत घाटों की सफाई और रंगाई-पुताई तथा शिप्रा नदी मार्ग व घाट पर लगने वाली दुकानों को भी हटा दिया है। प्रशासन द्वारा पर्व स्नान को लेकर की जा रही तैयारियों के बाद सिंहस्थ महापर्व के स्नान को श्रद्धालु याद करने लगे हैं।
दत्तअखाड़ा घाट की सीढिय़ों पर नगर निगम द्वारा सफाई कराने के बाद पुताई भी कराई गई है। वहीं नदी में पंप डालकर घाटों की धुलाई करवाई जा रही है। यहां रखे निर्माल्य कुंड को साफ कर उसकी भी पुताई करा दी गई। साथ ही राणोजी की छत्री से लेकर पूरे घाट क्षेत्र में गीला कचरा सूखा कचरा एकत्रित करने के लिये नवीन डस्टबिन लगाये हैं।

नदी में लोगों द्वारा डाले जाने वाले पूजन सामग्री को सफाईकर्मियों द्वारा तुरंत निकाला जा रहा है। शिप्रा नदी में गंभीर बांध का पानी मिलने के बाद नदी का पानी भी साफ दिखने लगा है। निगम के स्वास्थ्य अधिकारी बीएस मेहते ने बताया मकर संक्रांति को लेकर त्रिवेणी से लेकर मंगलनाथ तक सभी घाटों पर विशेष सफाई कराई जा रही है।

5-6 हजार श्रद्धालु करते स्नान
रामघाट पर पूजन कार्य कराने वाले पुजारियों ने बताया मकर संक्रांति पर नदी में पर्व स्नान का महत्व है और प्रतिवर्ष यहां 5-6 हजार श्रद्धालु स्नान के बाद पूजन, दान करते हैं। इस वर्ष भी इतने श्रद्धालुओं के स्नान के लिए पहुंचने की संभावना है।

प्रमुख चौराहों पर लगाए बोर्ड
मकर संक्रांति पर स्नान के लिए रामघाट पहुंचाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिये निगम द्वारा हरिफाटक ओवरब्रिज, मुल्लापुरा चौराहा सहित प्रमुख चौराहों पर सूचना बोर्ड लगाए हैं ताकि लोगों को नदी तक पहुंचने में असुविधा का सामना न करना पड़े।

कुंड का पानी बदलने पर विवाद
नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल द्वारा रामघाट पर निरीक्षण के दौरान यहां स्थित गंधर्व कुंड में मौजूद गंदा पानी बदलने के निर्देश दिए गए जिसके बाद कुंड में मोटर डालकर पानी नदी में छोड़ा गया यह देख पीएचई अधिकारियों ने आपत्ति ली और कुंड का पानी बदलने पर विवाद करने लगे। कुंड और मंदिर के पुजारी ने इसकी शिकायत नगर निगम अधिकारियों से की है।