मध्यप्रदेश चुनाव 2018: पुलिस मुख्यालय की कैंटीन में लावारिस हालत में मिले 76 डाक मत पत्र

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 में चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के लिए ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका के मद्देनजर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेता और समर्थक भोपाल पुरानी जेल के स्ट्रांग रूम में रखी ईवीएम की निगरानी कर रहे हैं। इस दौरान मंगलवार की शाम पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू ) की कैंटीन में 76 डाक मतपत्र फेंके हुए मिले जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने निर्वाचन आयोग को शिकायत कर मामले में जांच की मांग की है।
सील लगे 3 मतपत्र विधानसभा क्षेत्र 154 गोविंदपुरा के जहांगीराबाद पुलिस ने बताया कि मंगलवार शाम को पीएचक्यू स्थित होमगार्ड शाखा की कैंटीन में तीन सील बंद और 73 खाली डाक मतपत्र लावारिस हालत में मिले। सील लगे 3 मतपत्र विधानसभा क्षेत्र 154 गोविंदपुरा के हैं। जबकि अन्य 73 मतपत्र राज्य के अलग-अलग जिलों की विधानसभा सीटों के हैं।

चुनाव आयोग कहता आया है कि मतदान की प्रक्रिया पर कड़ी निगाह रखी जा रही है। उसके बाद भी बड़ी संख्या में डाक मतपत्र मिलने से जिला निर्वाचन शाखा की लापरवाही उजागर हुई है।मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 28 नवंबर को मतदान हुआ था। हालांकि चुनाव ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मियों से 18 नवंबर को डाक मत पत्र से मतदान कराया गया था।

भोपाल जिले की सात विधानसभा सीटों पर डाक मत पत्र से वोटिंग के लिए पीएचक्यू के एक कमरे में मतदान केंद्र बनाया गया था। पुलिस के मुताबिक होमगार्ड के कई सैनिक अभी दूसरे राज्य में चुनाव ड्यूटी पर गए हैं। लावारिस मिले डाक मत पत्र इन सैनिकों के लिए ही आए थे। मंगलवार की शाम कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने डाक मत पत्र पड़े होने की सूचना पुलिस को दी थी।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी संतोष वर्मा ने बताया कि लिफाफे में बंद तीन डाक मत पत्र एक मीडियाकर्मी को मिले थे, जिन्हें जब्त कर थाने में जमा करा दिया गया है। जबकि दूसरे जिलों से जारी किए गए 73 खाली डाक मत पत्रों को संबंधित मतदाताओं (होमगार्ड) को भेजा जाएगा।

एडीएम और उप जिला निर्वाचन अधिकारी संतोष वर्मा ने बताया कि जिले में 19 हजार कर्मचारियों के लिए डाक मत पत्र जारी किए गए हैं। इसमें से 15 हजार डाक मत पत्र जमा हो चुके हैं।

जो कर्मचारी अपना मत पत्र अब तक जमा नहीं करा पाए हैं, वे संबंधित जिले की तहसील दफ्तर में जमा कर सकते हैं। मतगणना की तारीख 11 दिसंबर सुबह 7 बजे तक कर्मचारियों द्वारा भेजे गए डाक मत पत्र पोस्टल ऑफिसर सीधे मतगणना स्थल पर जमा करा सकेंगे।होम गार्ड के डीजी डीसी सागर मामले की जांच कराएंगे कि किन जवानों को डाक मत पत्र बांटने का काम दिया गया था। दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।