मर्यादा में रहें, संस्कारी बनें

उज्जैन। जीवन में अपनों का बड़ा महत्व है, हमें जानकारी होनी चाहिये हमारे शुभ चिंतक कौन हैं और शत्रु कौन। भगवान राम से हमें मर्यादा का पाठ पढऩे को मिलता है इसलिए मर्यादा में रहें संस्कार में रहें। हम ऐसे काम करें कि हम सबके प्यारे बने और हम सबको प्यार करें। यह बात नारायणाधाम में चल रही 8 दिवसीय भागवत कथा के तीसरे दिन पं. कमलकिशोर नागर ने कही। शुक्रवार को ओम नमो वासुदेवाय नम: की चौपाइयों से पांडाल गूंजायमान हुआ। बहादुरसिंह पटेल ने बताया शुक्रवार को कथा समापन पर आरती वरिष्ठ पत्रकार संदीप मेहता, मनोहर बैरागी, राजेश पटेल, सुरेन्द्र चतुर्वेदी, रामलाल मालवीय, वीरसिंह राणा, विक्रमसिंह पटेल, बहादुरसिंह पटेल, विजय सिंह, रामसिंह जादौन, बहादुरसिंह भाटी आदि ने की।