महाकाल क्षेत्र की महिला आगर से लापता

उज्जैन। डेढ़ माह पहले आगर से लापता हुई महाकाल मैदान क्षेत्र की महिला का शनिवार तक सुराग नहीं मिल सका। लापता हुई महिला की मां ने दामाद पर उसकी हत्या करने की शंका जाहिर करते हुए केस में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजन अब न्याय के लिए मुख्यमंत्री से गुहार लगाएंगे। बावजूद युवती का पता नहीं चलने पर परिजन कोर्ट जाने का भी मन बना रहे हंै।
महाकाल मैदान निवासी तुलसी उर्फ बबली मालवीय (३०) पति मोहन सोनगरा व छह वर्षीय पुत्र दक्ष के साथ आगर मालवा स्थिति दूरदर्शन टॉवर के पास किराए के मकान में रहते थे। तुलसी ४ दिसंबर से लापता हो गई थी। उसकी मां कंचनबाई पति राजाराम मालवीय (५०) ने ९ दिसंबर को आगर पहुंचने पर तुलसी के लापता होने और मोहन के मकान खाली करने का पता चलने पर आगर थाने में गुमशुदगी दर्ज की थी। यह भी बताया था कि मोहन अन्य महिला के साथ रहने लगा था। पुलिस ने कायमी दर्ज की लेकिन तुलसी नहीं मिली। इस पर कंचनबाई ने १८ दिसंबर को एसपी मनोजसिंह को आवेदन देकर शंका जाहिर की दामाद मोहन ने ही तुलसी की हत्या कर उसे घर में गाढ़ दिया। मामले में एसपी के निर्देश पर एसआई हर्षितासिंह ने दर्शाई जगह तो नहीं खुदवाई लेकिन मकान मालिक के बयान ले लिए। उन्होंने चर्चा में शंका को निराधार बताते हुए बताया कि तुलसी का विवाह १० साल पहले हुआ था। संभवत: वह मर्जी से कहीं चली गई।

आईजी को कल देंगे आवेदन
कंचनबाई के रिश्तेदार और वकील शांतिलाल चौहान ने बताया मोहन दूसरी महिला को अचानक मिलने २० लाख रुपए के कारण उसके साथ रह रहा है। विरोध करने पर ही उसने संभवत: तुलसी की हत्या कर दी। पुलिस आरोपी के दबाव में है। उन्होंने घटना को लेकर कई सवाल भी उठाएं। कहा वे सोमवार को आईजी और मुख्यमंत्री को आवेदन देंगे। बावजूद तुलसी को नहीं खोजा जाता है तो कोर्ट में परिवाद लगाएंगे।

सवाल जिनके पुलिस के पास नहीं जवाब

१० साल में तुलसी ने पति या ससुराल की शिकायत नहीं की?

पति के दूसरी महिला के साथ रहने पर भी वह मायके
नहीं आई ?

कुछ दिन पहले ही उसने तुलसी को मारने का प्रयास क्यों किया था?

लापता होने के कुछ दिन पहले से भाईयों से भी बात क्यों बंद की?

चहेता बेटा होने के बाद भी उसे लेकर क्यों नहीं गई?

पति ने उसके लापता होने की सूचना क्यों नहीं दी?

घर में एक जगह ही मिट्टी कैसे खुदी और गीली है?

 पुलिस शंका जताने के बाद भी खुदाई करने को क्यों तैयार नहीं?

इनका कहना
अगर मामला संदिग्ध है और परिजन आरोप लगा रहे हंै तो आगर एसपी से बात करके सूक्ष्मता से जांच करवाएंगे।
– राकेश गुप्ता, आईजी, उज्जैन झोन