महाकाल में बालिका को सूट पर पहनाई साड़ी, कर्मचारी ने लौटाया

उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर में व्यवस्था सुधारने के लिए कलेक्टर मनीषङ्क्षसह रोज ही दौरा कर रहे हैं, बावजूद इसके यहां मनमानी का आलम जारी है। रविवार को पुजारी के एक सेवक का कार्ड फाड़कर स्वयं कलेक्टर ने मंदिर से बाहर किया था। दूसरे दिन अन्य पुजारी के सेवक ने मनमानी की और सूट पहने हुई बालिका को दो बार साड़ी लपेटकर गर्भगृह में दर्शन कराने की जिद पर अड़ा रहा।

मामला सुबह ९ बजे के लगभग का है। श्रद्धालुओं को नगाड़ा गेट से साथ लाया मंदिर के पुजारी का सेवक कर्मचारियों के निर्देश और मनाही के बावजूद एक सूट पहनी बालिका को साड़ी लपेटकर गर्भगृह में प्रवेश दिलाने की जिद पर अड़ा रहा तथा उसने दो बार प्रयास किए, किंतु ड्यूटीरत् कर्मचारी ने गर्भगृह में प्रवेश बंद होने तथा बगैर साड़ी पहने सूट के ऊपर सिर्फ साड़ी लपेटकर अंदर जाने वाली बालिका को लौटा दिया और नंदीगृह से दर्शन करने को कहा। बालिका का परिवार भी इस बात पर अड़ा रहा कि जैसे भी हो बालिका को गर्भगृह में प्रवेश देकर दर्शन कराया जाए।

लौटा दिया था विधायक को
पिछले दिनों राजस्थान की विधायक व किरोड़ीलाल मीणा की पत्नी को मंदिर कर्मचारियों ने इसलिए गर्भगृह में प्रवेश नहीं करने दिया कि उन्होंने राजस्थानी लहंगा, चुनरी पहन रखी थी। साड़ी नहीं पहनी थी। बाद में विवाद भी हुआ था, बावजूद इसके मंदिर के पुजारियों को कतिपय सेवक कर्मचारियों पर दबाव बनाकर नियमों व निर्देशों को तोड़ इस तरह से श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश कराते है।