महापौरजी… एक गिलास पानी पीकर तो देखिए

उज्जैन। नगर में एक दिन छोड़ कर पेय जल आपूर्ति की जा रही है। बावजूद इसके मटमैला पानी प्रदाय किया जा रहा है। आज सुबह जब बहादुरगंज क्षेत्र आर्य समाज मार्ग, क्षीरसागर आदि में अत्यंत मटमैला पानी नलों से आया तो लोग आक्रोशित हो उठे। लोगों ने यह तक कहां कि नगर निगम के जिम्मेदार और महापौर एक गिलास पानी पीकर दिखाए। हम लोग यह पानी कैसे पीएं। मामले में रहवासियों का गुस्सा महापौर पर फूटा। प्रेमलता राठौर ने कहा इतनी साफ स्वच्छता की बातें होती है और पानी गंदा प्रदान किया जा रहा है। आज जो गंदा पानी नलों से आया है।

वह पीना तो छोड़ वापरने योग्य नहीं है। करुणा शर्मा ने कहा नगर निगम प्रशासन आखिर क्या कर रहा है। आम लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। इस पानी से कई बिमारियां पैदा हो सकती हैं। सुनीता नागर ने कहा पानी जैसे विषय पर तो गंभीरता रखी जानी चाहिए। ट्रीटमेंट प्लांट में केमिकल व पानी की सफाई के नाम पर करोड़ों खर्च किए जा रहे हैं और पानी गंदा ही मिल रहा है।

महापौर और पानी विवाद
महापौर मीना जोनवाल का पानी को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। इंदौर रोड की २७ कॉलोनियों के रहवासी पानी की टंकी निर्माण के लिए दीनदयाल प्रतिमा नानाखेड़ा पर धरने पर बैठे थे। इसके बाद मोतीनगर आदि क्षेत्रों के रहवासी महापौर बंगले का घेराव करने आए थे तथा टंकी निर्माण की मांग की थी। कांग्रेस पार्षद दल ने भी खान के गंदे पानी का पेयजल में वितरण करने पर महापौर बंगले पर प्रदर्शन किया तो कांग्रेस नेताओं पर प्रकरण दर्ज करवा दिया।

पैसा तो पूरा लिया जाता है…
दो दिन में तो पानी दे रहे है फिर भी इतना गंदा पानी। हमसे पैसा तो पूरा लिया जा रहा है।
– कमलाबाई, क्षेत्रीय रहवासी