महापौर आएं, विकास का चेहरा दिखाएं

उज्जैन। केडीगेट से लेकर नयापुरा और अंकपात तक के लोगों का एक ही स्वर है कि महापौर मीना जोनवाल भाजपा नेताओं के साथ क्षेत्र में आएं और विकास का चेहरा दिखाएं। लोगों को भरोसे में लिए बगैर नगर निगम के दल को फिर से नपती के लिए भेज दिया गया है। मंगलवार सुबह नयापुरा में विवाद हुआ और नपती का काम रुकवा दिया गया।
महापौर मीना जोनवाल के निर्णयों को लेकर आम लोगों में आक्रोश की स्थिति है। केडीगेट से लेकर नयापुरा तक के लोग खुलकर कह रहे हैं कि महापौर विकास का चेहरा दिखाने पार्टी नेताओं के साथ आए तो खुद पार्टीजनों को मालूम हो जाएगा कि महापौर के प्रति जनता जर्नादन में क्या भाव है।

मंगलवार सुबह विजय पिता सागरमल के मकान की नपती करते समय फिर विवाद हो गया तथा नाली को ढाई फीट पीछे करवाकर मकान बनाने वाले उक्त व्यक्ति को भी नगर निगम के हरीश शर्मा व दल ने १३ फीट मकान पीछे हटाने का निशान लगा दिया। क्षेत्रवासी भड़क उठे कि जब नाली ढाई फीट पीछे हटकर बनाई है तो फिर ढाई फीट की छूट नपती में दी जाना चाहिए।

विवाद के बाद नगर निगम झोन १ के प्रभारी मनोज राजवानी ने फोन पर लोगों को दिलासा दिलाई तब जाकर काम आगे सुचारू हुआ। नगर निगम टीम का ओम अग्रवाल के यहां भी विवाद हो जाता लेकिन लोगों ने बताया कि १२ दिन पहले ही अटैक से निधन हुआ है। तब जाकर निगम टीम आगे बढ़ी। हालांकि ओम अग्रवाल ने पहले ही १२ फीट अंदर मकान बनाया है। अत: चौड़ीकरण का इस मकान पर कोई प्रभाव नहीं पडऩे वाला। क्षेत्र के अतुल चत्तर, मनोज जैन, ओम घुरैया, जितेंद्र सांकला आदि भी नपती को लेकर आक्रोशित दिखाई दिए।

मुआवजे की मांग पर अडिग
अभी भी क्षेत्रवासी इस बात पर अडिग हैं कि जो मकान चौड़ीकरण की जद में आ रहे हैं उन्हें मुआवजा दिया जाए। जब देवासगेट, मालीपुरा चौड़ीकरण के लिए मुआवजा दिया गया था तो यहां क्यों नहीं दिया जा रहा।