महिला चिकित्सक की लापरवाही बनी जान का जंजाल

शुजालपुर। ऑपरेशन के दौरान महिला चिकित्सक ने प्रसूता के पेट में स्पंज छोड़ दिया। इसके अलावा ऑपरेशन में लापरवाही बरती इसके चलते महिला अब बिस्तर पर जिंदगी जीने पर मजबूर हो गई है। इलाज पर भी लाखों रुपए खर्च किए गए हैं। इसके बावजूद हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है। नेमा समाज व अन्य समाज के लोगों ने बुधवार को मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। बड़ी संख्या में एसडीएम कार्यालय पहुंचे महिला एवं पुरुषों ने एसडीएम गिरीश मिश्रा से महिला चिकित्सक के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की मांग की।

पटवा सेरी छोटा बाजार निवासी प्रीति पति विकास नेमा को परिजन 27 दिसंबर 2016 को सिविल अस्पताल ले गए थे जहां पर पदस्थ डॉक्टर आशारानी जैन ने जांच करके बताया कि डिलेवरी सामान्य न होकर ऑपरेशन से होगी। डॉक्टर ने परिवार वालों से कहा कि प्राइवेट अस्पताल ले जाएं। डॉ. जैन ने प्राइवेट अस्पताल में प्रसव कराने के लिए रुपयों की मांग की। मना करने पर शासकीय अस्पताल में प्रसव ऑपरेशन के द्वारा किया लेकिन उसमें लापरवाही बरती और डिलेवरी केस बिगाड़ दिया।

बाद में जब तकलीफ होने पर अन्य जगह जांच करवाई तो ज्ञात हुआ कि सरकारी अस्पताल में ऑपरेशन कर महिला चिकित्सक जैन ने प्रीति के पेट में स्पंज छोड़ दिया। प्रीति नीमा ने आरोप लगाया है कि इलाज पर लाखों रुपए खर्च हो गया है और आगे भी खर्च होने की संभावना है। मुझे शारीरिक, मानसिक, आर्थिक, सामाजिक जो क्षति हुई है। उसका आंकलन नहीं किया जा सकता है।इधर टीआई दिनेश प्रजापति ने जांच के बाद महिला चिकित्सक आशा रानी जैन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। प्रसूता को चिकित्सकीय लापरवाही से क्षति व पीड़ा हुई है। आगे मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट आने पर और भी धाराएं बढ़ सकती है।