मामला: कोर्ट पेशी से लौटते समय बाइक सवार बदमाश उठाकर ले गए थे, सुबह मिला शव, दो हिरासत में

वृद्ध को अगवा कर उतारा मौत के घाट

देवास के एक वृद्ध कोर्ट पेशी से लौट रहे थे, तभी रास्ते में बाइक सवार दो बदमाशों ने उनका अपहरण कर लिया। सूचना मिलने पर पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी। इसी बीच शुक्रवार सुबह वृद्ध का शव बेटमा थाना क्षेत्र स्थित एक खेत में पड़ा मिला।

बदमाशों ने बेरहमी से सिर कुचलकर उनकी हत्या कर दी और शव फेंक दिया। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो संदेहियों को हिरासत में लिया है। थाना प्रभारी बेटमा डीपीएस चौहान ने बताया कि मृतक का नाम शिवजीराम पिता रणछोड़ पटेल (64) निवासी छोटा टिगरिया देवास है।

गुरुवार शाम सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र के पीर पिपलिया इलाके में बाइक सवार दो बदमाशों ने मोटरसायकल से जा रहे वृद्ध को टक्कर मारकर गिराया और उसका अपहरण कर ले गए हैं। इस सूचना के बाद हरकत में आई पुलिस ने उनकी तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला।

पत्नी की हत्या करने वाला हाथ नहीं आया, मोबाइल भी बंद

भंवरकुआ थाना क्षेत्र में पत्नी हत्या कर फरार हुए पति की तलाश में पुलिस जुटी है। उसका अब तक पता नहीं चला है। पुलिस के अनुसार मृतका गहनाबाई पति गोविंद सावलिया (45) है। मूलत: बागली, देवास की मृतका के तीन बेटे अनिल, चेतन और राहुल है। चेतन और राहुल गायत्री नगर, पालदा में रामरतन चौहान के मकान में रहकर मजदूरी करते हैं। कुछ समय से गहनाबाई दोनों के पास आकर रहने लगी थी।

वह पालदा इंडस्ट्रीयल एरिया में केक बनाने की फैक्टरी में नौकरी करती थी। बेटे चेतन के अनुसार बुधवार को छोटा भाई राहुल किसी काम से मानपुर गया था। इस बीच पिता गांव से घर आए थे। रात को वह आगे वाले कमरे में तो माता-पिता अंदर वाले कमरे में सोए थे। गुरुवार को वह जागा और मां को आवाज लगाई तो जवाब नहीं मिला। उसने दरवाजा धकेला तो अंदर मां का शव जमीन पर अचेत पड़ा था। उनकी पहनी साड़ी से उनके गले में फंदा बंधा था।

पिता भी गायब थे। चेतन ने बताया कि मां के काम पर जाने को लेकर पिता उनके चरित्र पर शंका करते थे। उनमें आए दिन विवाद भी होते थे। शंका है कि इसी बात को लेकर हुए विवाद में पिता ने मां की गला घोटकर हत्या कर दी। टीआई शुक्ला के अनुसार आरोपी का मोबाइल भी बंद आ रहा है। एक टीम उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दी, लेकिन उसका पता नहीं चला।

खेत में मकान के पीछे पड़ा था शव

पुलिस शिवजीराम की तलाश में जुटी थी कि शुक्रवार सुबह उसका शव इंदौर-अहमदाबाद फोनलेन हाईवे पर सड़क से 300 मीटर अंदर खेत में बने एक मकान के पीछे पड़ा मिला। उसके सिर पर चोट के गंभीर निशान थे और खून से लतपथ था। पुलिस का कहना है कि सिर कुचलकर उसकी हत्या की गई है। हत्या कहीं और करने के बाद शव को मौके पर पटका गया था।

कोर्ट में चल रहा था केस

पुलिस ने रात में ही बाइक नंबर के आधार पर मृतक के घर का पता लगाया और परिजनों को अपहरण की सूचना दी तो दोनों बेटे बेटमा थाने पहुंचे। पुलिस की पूछताछ में उन्होंने बताया कि पिता रोडवेज की बस चलाते थे। उन्होंने सालों पहले रिटायरमेंट ले लिया था। उनका जमीन को लेकर कोर्ट में केस चल रहा था।

दो को पुलिस ने उठाया

वृद्ध के अपहरण और हत्या के बाद जमीन विवाद सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पवन और माणिक को हिरासत में लेकर उनसे थाने में पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जल्दी ही इस हत्याकांड का पर्दाफाश किया जाएगा।

बुआ की थी जमीन

नालछा थाना क्षेत्र के ग्राम बगड़ी में रहने वाले रामचंद्र खाती की दो पत्नियां थी। एक पत्नी पिता शिवजीराम की बुआ थी। बुआ का एक भी बच्चा नहीं था। इसलिए वह पिता शिवजीराम को ही अपना सबकुछ मानती थी।

रामचंद्र खाती की मौत के बाद पहली पत्नी और उसके बच्चे उनकी संपत्ति पर हक जताने लगे थे। वहीं पिता भी बुआ की और से रामचंद्र खाती की संपत्ति में हिस्से के लिए दावा कर रहे थे। इसमें ग्राम बगड़ी की करोड़ों रुपए की जमीन भी शामिल है। इसका कोर्ट केस धार जिले में चल रहा था।