मामला त्रिवेणी स्टापडेम पर सेल्फी लेने के चक्कर में दो युवकों के डूबने का

18 घंटे बाद शिप्रा नदी से मिला दूसरे युवक का शव

उज्जैन:घर से मंदिर जाने का कहकर निकले दो दोस्तों की त्रिवेणी पाले पर मोबाइल से सेल्फी लेने के दौरान गहरे पानी में गिरकर डूब जाने से मृत्यु हो गई। होमगार्ड जवानों ने कल दोपहर से शाम तक गहरे पानी में तलाश के बाद एक युवक का शव बरामद किया जबकि दूसरे का शव सुबह 8 बजे मिला। नानाखेड़ा पुलिस ने मर्ग कायम किया व शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द किया गया।

चिराग पिता राजेश राय 19 वर्ष निवासी शहीद नगर आगर रोड़ और उसका दोस्त जयेश साहू पिता मुकेश निवासी रतन एवेन्यू घर पर इस्कॉन मंदिर जाने का कहकर निकले थे। यहां मंदिर के पट बंद होने के कारण दोनों गऊघाट पाले पर एक्टिवा से घूमने चले गये। दोपहर के समय यहां मौजूद पीएचई कर्मचारी पीरूलाल अम्बोदिया ने उन्हें पानी की गहराई बताई और आगे जाने से रोका था। पीरूलाल तो यहां से चला गया लेकिन दोनों युवक पाले के एक फीट ऊपर बह रहे पानी के नजदीक पहुंचकर मोबाइल से सेल्फी लेने का प्रयास कर रहे थे उसी दौरान काई से पैर फिसलने के कारण गहरे पानी में गिरकर डूब गये।

नानाखेड़ा पुलिस और होमगार्ड जवानों ने शाम 7 बजे तक पानी में तलाश के बाद चिराग के शव की तलाश की और सुबह 6 बजे पुन: तलाशी अभियान चलाने के बाद जयेश साहू का शव 25 फीट गहराई में बलिये की मदद से निकाला गया। होमगार्ड मुंशी खां, रशीद खां, ओमप्रकाश शर्मा, सायर सिंह, बीएल सारेल, मुकाती चौहान ने बोट में सवार होकर लगातार प्रयास किया और दो घंटे में शव को खोज निकाला। गऊघाट पाले के एक फीट ऊपर से पानी बह रहा है। यह दृश्य देखने में विहंगम लगता है और पाले के पास बने इको पार्क में घूमने आने वाले अधिकांश युवक-युवति यहां पहुंचकर मोबाइल से सेल्फी लेते हैं।

बारिश में बहता है ऊपर से पानी, डेंजर झोन बनाया जाए
बारिश के सीजन में गऊघाट पाले के ऊपर से लगातार पानी बहता है और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पाला पार करते हैं। यहां रहने वाले कन्हैयालाल ने बताया कि बुधवार रात 8 बजे एक युवक एक्टिवा से पहुंचा और पाले के पास खड़ा होकर वाहन धो रहा था। उसका वाहन नदी में जा गिरा जिसे ग्रामीणों ने पानी से तलाशा। पीरूलाल अम्बोदिया ने बताया कि यहां स्कूल-कॉलेज के युवक-युवतियां स्कूल बंक कर दिन भर आते हैं। पास में इको पार्क है इस कारण लोगों का आना जाना लगा रहता है। गहरे पानी की तरफ जाने से उन्हें रोकते हैं लेकिन कोई नहीं सुनता उलटे धमकी देते हैं, जबकि पाले से ऊपर पानी बहने के दौरान यह इलाका डेंजर झोन में तब्दील हो जाता है। यहां पुलिस प्रशासन को लोगों के आने जाने पर रोक लगाना चाहिये अथवा पुलिसकर्मी को तैनात करना चाहिये।

अभिभावक ध्यान दें, स्कूल बंक कर विद्यार्थी पहुंचते हैं शिप्रा नदी पर

इको पार्क और गऊघाट पाला क्षेत्र शहर से दूर व एकांत में आता है। इस क्षेत्र में सुबह से शाम तक सैकड़ों की संख्या में स्कूल कॉलेज के विद्यार्थी परिजनों की जानकारी के बिना यहां घूमने आते हैं। सुबह 8.30 बजे भारतीय ज्ञानपीठ की तीन छात्राएं स्कूल बंक कर एक्टिवा से यहां तफरी करने पहुंची जैसे ही उन्होंने अक्षर विश्व की टीम को देखा तो गलती मानते हुए स्कूल लौटने की बात कही, जबकि दो दिन पहले लोकमान्य तिलक हायर सेकेण्डरी स्कूल की छात्रा एक युवक के साथ महाकाल मंदिर के सामने होटल के पास स्थित मकान से युवक के साथ पकड़ाई थी। अभिभावकों को बच्चों के स्कूल-कॉलेज में लगातार संपर्क कर बच्चों की गतिविधि पर ध्यान देना चाहिये।

मोबाइल ले सकता है जान

एंड्रायड मोबाइल चलाने वालों को अत्यंत सावधानी बरतना आवश्यक है। एक्सपर्ट के अनुसार सुरक्षित स्थान पर सेल्फी लें।

डेंजर झोन में सेल्फी लेने अथवा वीडियो बनाने से बचेें।

वाहन चलाते समय, हाईवे अथवा भीड़ भरे इलाके में पैदल चलते समय मोबाइल पर बात न करें।

अवयस्क बच्चों को अपनी निगरानी में मोबाइल दें।