मामला प्रॉपर्टी ब्रोकर की मौत का ,दोबारा पीएम कराने से पुलिस का इंकार

उज्जैन। केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में डॉ. राकेश गुप्ता से फ्लैट के नाम पर धोखाधड़ी मामले में बंद प्रॉपर्टी ब्रोकर राजेश सबलोक की मंगलवार को जेल से उपचार के लिए जिला अस्पताल लाने के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने पुलिस से बुधवार को दोबारा मृतक का पीएम कराने की मांग की थी लेकिन एसपी सचिन अतुलकर ने साफ कह दिया कि पुलिस ने पोस्टमार्टम की पूरी वीडियोग्राफी करवाई है और दोबारा पोस्टमार्टम की अनुमति नहीं दी जाएगी।
प्रॉपर्टी ब्रोकर राजेश सबलोक नीलगंगा पुलिस द्वारा दर्ज किए गए प्रॉपर्टी की धोखाधड़ी मामले में जनवरी से ही केन्द्रीय जेल भैरवगढ़ में बंद था। राजेश सबलोक के जेल में जाने के बाद कई लोगों ने रुपयों के लेनदेन तथा प्लॉट फ्लैट न देने की शिकायत दर्ज कराई थी। कल जैसे ही राजेश सबलोग की मौत की खबर आई वैसे ही बाजार में विभिन्न प्रापर्टियों के एवज में उसके द्वारा किए गए लेनदेन के चर्चे भी शुरू हो गए।

आगर रोड पर महेन्द्रा शोरूम के समीप आंजना परिवार की भूमि के मामले में भी राजेश सबलोक का विवाद हुआ था। इसके अलावा चिंतामन गणेश रोड पर भी उसने बिना टीएनसी की परमिशन के प्लॉट तथा फार्म हाउस बेचे थे। चिंतामन हांसामपुरा के बीच भी प्लाट बेचने तथा रुपया लेने की शिकायतें पुलिस के पास थी। यह भी जानकारी लगी है कि बयाना देकर किसानों से जमीन लेने तथा फिर लंच-डिनर के लिए लोगों को बुलाकर होटलों में पार्टी रख प्रॉपर्टी बेचने का कार्य राजेश सबलोक द्वारा किया जाता था।