मोती रत्न के बारे में कुछ रोचक जानकारियां

सादगी, पवित्रता और कोमलता की निशानी माने जाने वाला मोती एक चमत्कारी ज्योतिषीय रत्न माना जाता है। इसे मुक्ता, शीशा रत्न और पर्ल (Pearl) के नाम से भी जाना जाता है। मोती सिर्फ एक रंग का ही नहीं होता बल्कि यह कई अन्य रंगों जैसे गुलाबी, लाल, हल्के पीले रंग का भी पाया जाता है। मोती, समुद्र के भीतर स्थित घोंघे नामक कीट में पाए जाते हैं।

उचित रंग, आभा और सही रत्ती का मोती कमाल का फल देता है,  ज्योतिषीय ग्रंथों में नव ग्रहों के लिए निर्धारित रत्न अपने स्वामी ग्रहों से प्राप्त उर्जा पर नियंत्रण रखते है। इनमें अपार ज्योतिषीय शक्तियां होती हैं।

मन और जल तत्व के कारक चंद्रमा के लिए उल्लिखित रत्न मोती ऐसा ही एक बेजोड़ रत्न है। यदि यह उचित रंग, आभा और सही रत्ती का मोती पहना जाए तो कमाल का फल देता है।

मोती के तथ्य :

* मोती के बारे में बताया जाता है कि यह रत्न, बाकी रत्नों से कम समय तक ही चलता है क्योंकि यह रत्न रूखेपन, नमी तथा एसिड से अधिक प्रभावित हो जाता है।* प्राचीनकाल में मोती (Pearl or Moti) को सुंदरता निखारने के लिए इस्तेमाल में लाया जाता था तथा इसे शुद्धता का प्रतीक माना जाता था।

मोती के लिए राशि :

कर्क राशि के जातकों के लिए मोती धारण करना अत्याधिक लाभकारी माना जाता है । चन्द्रमा से जनित बीमारियों और पीड़ा की शांति के लिए मोती धारण करना लाभदायक माना जाता है।

स्वास्थ्य में मोती का लाभ :

* मानसिक शांति, अनिद्रा आदि की पीड़ा में मोती बेहद लाभदायक माना जाता है।
* नेत्र रोग तथा गर्भाशय जैसे समस्या से बचने के लिए मोती धारण किया जाता है।
* मोती, हृदय संबंधित रोगों के लिए भी अच्छा माना जाता है।

कैसे धारण करें मोती :

ज्योतिषानुसार मोती सोमवार के दिन धारण करना शुभ होता है। मोती धारण करते समय चन्द्रमा का ध्यान और उनके मंत्रों का जाप करना चाहिए। चांदी की अंगूठी में मोती धारण करना अत्यधिक श्रेष्ठ माना जाता है।

मोती के उपरत्न :

मान्यता है कि मोती नहीं खरीद पाने की स्थिति में जातक मूनस्टोन, सफेद मूंगा या ओपल भी पहन सकते हैं।

मोती पहनने से लाभ:

मोती धारण करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। जो जातक मानसिक तनाव से जूझ रहें हों उन्हें मोती को धारण कर लेना चाहिए।
* जिन लोगों को अपनी राशि ना पता हो या कुंडली ना हो, वह भी मोती धारण कर सकते हैं।

* मोती मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक है। जिन लोगों को शीघ्र क्रोध आता है, उन्हें मोती धारण करने से लाभ होता है।

* जिन दम्पतियों को संतान नहीं है, मोती धारण करने से उन्हें संतान सुख की प्राप्ति होती है।

* यह मान प्रतिष्ठा, धन और वैभवदायक है। जो व्यक्ति शुद्ध मोती धारण करते हैं उन्हें देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।

* मोती में रोग दूर करने की भी क्षमता है। पेट सम्बन्धी बीमारियों, जैसे- आंत्रशोथ, अल्सर आदि में यह काफी प्रभावशाली होता है।

* यह हृदय गति को सामान्य बनाए रखने में सहायक है। बुखार में मोती धारण करना लाभप्रद सिद्ध होता है।

* अगर पति-पत्नी के बीच दूरियां बढ़ रही हो, तो मोती पहनने करने से संबंध मधुर होता है।

* पीली आभायुक्त मोती पहनने से धन लाभ होता है।

* लाल रंग का मोती मनुष्य की बौद्धिक क्षमता को बढ़ाता है।

* सफेद निर्मल मोती धारण करने से प्रसिद्धि प्राप्त होती है।

*नीली अभायुक्त मोती धारण करने से ईश्वरीय कृपा प्राप्त होती है।

नोट:

1. किसी भी रत्न को धारण करने से पहले रत्न ज्योतिषी की सलाह अवश्य ले लेनी चाहिए।

2. ध्यातव्य है कि बिना सोचे समझे मोती धारण नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह यह अच्छा और बुरा दोनों तरह के प्रभाव दे सकता है।