मोदी सरकार को SC से बड़ी राहत, राफेल सौदे के खिलाफ सारी याचिकाएं खारिज

राफेल डील पर विपक्ष के आरोपों का सामना कर रही मोदी सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि राफेल सौदे में कोई संदेह नहीं, विमान हमारी जरूरत है। राफेल की गुणवत्ता में पर कोई सवाल नहीं है। और कोर्ट को इस मामले में अब कोई हस्तक्षेप नहीं करना चाहती है। हमने सौदे की पूरी प्रक्रिया पढ़ी है। विमान की कीमत देखना हमारा काम नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने राफेल सौदे की जांच को लेकर सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। राफेल सौदे को लेकर विपक्षी दलों ने मोदी सरकार के खिलाफ पिछले कई महीनों से मोर्चा खोल रखा है। इस लिहाज से सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला काफी अहम साबित होगा।सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा, ‘इस प्रक्रिया को लेकर हम संतुष्ट हैं और संदेह की कोई वजह नहीं है। कोर्ट के लिए यह सही नहीं है कि वह एक अपीलीय प्राधिकारी बने और सभी पहलुओं की जांच करे।’ कोर्ट ने साफ कहा, ‘हमें कुछ भी ऐसा नहीं मिला जिससे लगे कि कोई कॉमर्शल पक्षपात हुआ हो।’ CJI रंजन गोगोई ने कहा कि ऑफसेट पार्टनर के विकल्प में दखल देने की भी कोई वजह नहीं है।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति केएम जोसेफ की पीठ ने इस मामले में दायर याचिकाओं पर 14 नवंबर को सुनवाई पूरी की थी।इस याचिका में अनुरोध किया गया कि लड़ाकू विमानों की खरीद के सौदे में कथित अनियमितताओं के लिये केन्द्रीय जांच ब्यूरो को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया जाए। केन्द्र सरकार ने फ्रांस से 36 लड़ाकू विमान खरीदने के सौदे का पुरजोर बचाव किया और इनकी कीमत से संबंधित विवरण सार्वजनिक करने की मांग का विरोध किया। भारत ने करीब 58,000 करोड़ रूपए की कीमत से 36 राफेल विमान खरीदने के लिये फ्रांस के साथ समझौता किया है ताकि भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता में सुधार किया जा सके।