यशवंत सिन्हा ने छोड़ी BJP पार्टी, लिया राजनीतिक संन्यास

वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) छोड़ दी है. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वित्त और विदेश जैसा महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाल चुके यशवंत सिन्हा लंबे समय से मौजूदा पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रहे थे. बिहार की राजधानी पटना में पत्रकार वार्ता में यशवंत सिन्हा ने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया. इसके साथ ही अपने राजनीतिक करियर के संन्यास की भी घोषणा कर दी. उन्होंने कहा कि वे किसी पार्टी में शामिल नहीं होंगे. मालूम हो कि यशवंत सिन्हा मौजूदा पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार से नाराज चल रहे थे, कई मौकों पर वे खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर भी कर चुके थे. हालांकि उनके बेटे जयंत सिन्हा पीएम मोदी के कैबिनेट के सदस्य हैं.

यशवंत सिन्‍हा ने उस वक्‍त पार्टी छोड़ी है, जब उन्‍होंने हाल में एक अखबार में मोदी सरकार के खिलाफ सबसे तीखा हमला बोला था. इसी कड़ी में उन्‍होंने इंडियन एक्‍सप्रेस में बीजेपी सांसदों के नाम पिछले दिनों एक खुला खत ‘Dear Friend, speak up’ लिखा. उसमें इन सांसदों से मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने की अपील करते हुए इन नीतियों की आलोचना की है. इस संदर्भ में यशवंत सिन्‍हा ने अपने पत्र में जिन मुद्दों को उठाते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा था, उनके अंश को यहां बिंदुवार पेश किया जा रहा है: