रुकावटें हौसले को कमजोर नहीं बल्कि मजबूत बनाती हैं

किसी बड़े अभियान या परीक्षा में नाकाम होने पर निराश, हताश औऱ उदास होना स्वाभाविक है। ऐसी विकट परिस्थिति में उदासी को आशा की किरणों में बदलना बेशक एक कला है। जो व्यक्ति इसमें कामयाब हो जाता है उसे अगले लक्ष्य को पाने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसी ही कुछ प्रेरणा  चंद्रयान-2 मिशन की असफलता भी हर व्यक्ति को देती है।

हौसले से मिलती है हिम्मत : नाकामयाबी में किसी को हौसला देना उसे नई जिंदगी देने जैसा होता है। यही काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार तड़के किया। चन्द्रयान-2 मिशन कामयाबी से एक मिनट नौ सेकंड दूर था कि वह अपना संतुलन खो बैठा। इस नाकामयाबी का तनाव कल रात दो बजे हमारे देश के वैज्ञानिकों के चेहरों पर साफ दिख रहा था। जब लैंडर चंद्रमा से 2.1 किलोमीटर दूर था वह रास्ता भटक गया। इसके बाद प्रधानमंत्री इसरो कंट्रोलरूम में मौजूद एक-एक वैज्ञानिक पास गए और उनकी जीतोड़ मेहनत के लिए उनकी तहेदिल तारीफ की। उन्हें बताया कि हमेशा याद रखें,” मन के हारे हार है मन के जीते जीत।”

मनोभाव पर काबू करना भी एक कला :इस असफलता के बाद भी इसरो के चेयरमैन के शिवन का धैर्य रेखाँकित करने वाला था। किस तरह वे स्क्रीन पर नजरें टिकाए थे। किस कदर वे सयंत होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपडेट कर रहे थे। और किस प्रकार अपने मनोभावों को काबू किये थे, यह सीखने की जरूरत है।

असफलता ज्ञान के नए बीज बोती है :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह आठ बजे वैज्ञानिकों को संबोधित किया। उन्होंने वैज्ञानिकों का हौसला भी बढ़ाया। उनकी कई बातें किसी असफलता के बाद सक्सेस के लिए प्रेरित करने जैसी थी :

– हर असफलता ज्ञान के नए बीज बोकर जाती है, नई संभावनाओं की नींव रखकर जाती है और हमें अपने असीम सामर्थ्य का एहसास दिलाती है।

– रुकावटें हौसले को कमजोर नहीं करती बल्कि मजबूत करती हैं.

– हमारी इच्छाशक्ति व संकल्प और प्रबल हुआ है।

– हमें सबक लेना है, सीखना है, आगे ही बढ़ते जाना है।

– लक्ष्य की प्राप्ति तक रुकना नहीं है।

– हम निश्चित रूप से सफल होंगे। इस मिशन के अगले प्रयास में भी और आगे के हर प्रयास में भी कामयाबी हमारे साथ होगी।

– ना कोई रूकावट है और ना कोई निराशा। हमें पीछे मुडकर निराश नहीं होना है, हमें आगे बढ़ते जाना है।

सीख-लक्ष्य की प्राप्ति तक रुकना नहीं है क्योंकि  हर असफलता ज्ञान के नए बीज बोकर जाती है, नई संभावनाओं की नींव रखकर जाती है और हमें अपने असीम सामर्थ्य का एहसास दिलाती है।