रेप और ठगी के मामले में मिथुन चक्रवर्ती की पत्नी और बेटे की मुश्किलें बढ़ीं

मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट ने बलात्कार और ठगी की एक शिकायत के सिलसिले में अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पत्नी और उनके बेटे को गिरफ्तारी से बचने के लिए अंतरिम राहत देने से गुरुवार को इनकार कर दिया. यह शिकायत दिल्ली की एक महिला ने दायर की है. दिल्ली की एक अदालत ने इसी सप्ताह कहा था कि मिथुन की पत्नी योगिता बाली और उनके बेटे महाअक्षय उर्फ मिमोह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार है.

दिल्ली की अदालत के आदेश के बाद महाअक्षय और उनकी मां ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उन्होंने अदालत से गिरफ्तारी पूर्व जमानत या राष्ट्रीय राजधानी में संबंधित अदालत से संपर्क करने तक गिरफ्तारी से अंतरिम राहत का अनुरोध किया था. न्यायमूर्ति अजय गडकरी ने उनकी याचिका खारिज कर दी और अंतरिम राहत प्रदान करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी पूर्व जमानत के लिए दोनों दिल्ली में संबंधित अदालत से संपर्क कर सकते हैं. शिकायतकर्ता ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि महाअक्षय ने उसके साथ ठगी की और शादी का झांसा देकर करीब चार साल तक शारीरिक संपर्क बनाने के बाद दुष्कर्म किया.

रोहणी कोर्ट ने दिए थे एफआईआर के आदेश 
दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने बीते 2 जुलाई को पुलिस को योगिता बाली और महाअक्षय के खिलाफ यौन उत्पीड़न, धोखाधड़ी और सहमति के बिना गर्भपात करने आरोप में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे. रोहिणी कोर्ट ने महाअक्षय चक्रवर्ती के खिलाफ रेप के आरोप में बेगमपुर थाने की पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का ओदश दिया था