रोजाना एक घंटा कसरत करने से डिप्रेशन रहेगा दूर, जानें फायदे

आजकल बदलती आदतें और लाइफस्टाइल न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक सेहत पर भी बुरा असर डालती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुमानों के मुताबिक दुनियाभर में करीब 30 करोड़ लोग डिप्रेशन से ग्रस्त है।
WHO की एक रिपोर्ट के मुताबिक डिप्रेशन से ग्रस्त लोगों की संख्या में 2005 से 2015 के दौरान 18 फीसदी तक बढ़ी है। दवाइयों के आलावा डिप्रेशन को कसरत की मदद से भी दूर किया जा सकता है।

कसरत और योग से सेहत संवरने में थोड़ा वक्त जरूर लगता है लेकिन इसका असर रामबाण है। बदलती जीवनशैली से जो बीमारियां आम हो चुकी हैं उनको आसनों की मदद से ठीक कर सकते हैं।

अमेरिकन जर्नल ऑफ़ साइकाइट्री में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक एक हफ्ते नियमित रूप से कसरत करने से डिप्रेशन को कम किया जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया के ब्लैक डॉग इंस्टीट्यूट के अध्ययन के मुताबिक जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव भी हमारे दिमागी सेहत पर असर डालते है।

रोजाना कसरत करने से 12 प्रतिशत डिप्रेशन के मामलों में गिरावट देखने को मिली। अध्ययन में एक और बात सामने आई कि रोजाना कसरत करने वालों की तुलना में जो लोग बिलकुल कसरत नहीं करते उनमे डिप्रेशन होने का खतरा 44 प्रतिशत बढ़ जाता है।

कसरत के अलावा योग में ऐसे आसन भी हैं जिनसे रोग फिर नहीं पनप सकते है। योग आसनों का असर इतना होता है कि दवाओं के सहारे की भी जरूरत नहीं पड़ती है।

कसरत के फायदे:

कसरत करने से मांसपेशियों स्वस्थ्य रहती है। शरीर में खून का बहाव ठीक होने से से दिमाग भी सक्रिय रूप से काम करता है, और नई ब्रेन सेल्स बनने में भी मदद मिलती है।

कसरत की मदद से आप डिप्रेशन को भी मात दे सकते है।

कसरत करने से ब्लडप्रेशर को नियंत्रित रखा जा सकता है। नियमित रूप से कसरत करने से उच्च रक्तचाप 75 प्रतिशत तक कम हो जाता है।

कसरत करने से मेटाबॉलिज्म बढ़ता है और इससे मोटापा कम करने में भी मदद मिलती है इसके अलावा कसरत करने से आप बढ़ती उम्र में भी जवान दिख सकते है।

अपने दोपहर के भोजन को न चूकें और दिन में एक बार कसरत भी करें। इससे आपको सूर्य की रोशनी में रहने का मौका मिलता है और आपके शरीर में इससे चुस्ती-फुर्ती बनी रहती है।