लगातार तीसरे साल BWF World Championships के फाइनल में पहुंचीं पीवी सिंधु

भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु ने वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया। सेमीफाइनल में उन्होंने चीन की चेन यू फेइ को एकतरफा अंदाज में मात दी। 21-7, 21-14 से यह मुकाबला अपने नाम करते हुए सिंधु ने यह कमाल किया।
पहले गेम में सिंधु ने शुरुआती लीड हासिल करके चेन को दबाव में डाला। दबाव में आने के बाद चेन गलतियां करने लगी, जिसका फायदा सिंधु को मिला और उन्होंने ब्रेक तक 11-3 की लीड हासिल कर ली थी। ब्रेक के बाद चेन क्रोस कोर्ट खेलकर अंक हासिल किए, लेकिन वह लीड को कम करने में नाकाम रही। वहीं सिंधु ने दमदार स्मैश और अच्छे कोर्ट कवरेज के साथ पहला गेम अपने नाम किया।

दूसरे गेम की शुरुआत में दोनों खिलाड़ी नेट के पास खेलने की कोशिश कर रहे थे और लंबी रैली हो रही थी। सिंधु ने ब्रेक तक 11-7 की लीड हासिल की, हालांकि चेन यू फेइ ने इस गेम में वापसी की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं रही।सिंधु ने इसके साथ ही टूर्नामेंट का अपना पांचवां पदक पक्का किया। वह इससे पहले दो रजत और दो कांस्य पदक जीत चुकी है। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के पिछले दो आयोजनों में रजत पदक जीतने वाली सिंधु ने क्वार्टरफाइनल में विश्व रैंकिंग की पूर्व नंबर एक खिलाड़ी को पिछड़ने के बाद 71 मिनट तक चले बेहद ही रोमांचक मुकाबले में 12-21 23-21 21-19 से हराया था।

वहीं दूसरी ओर पुरुष सिंगल में साई प्रणीत भी सेमीफाइनल में पहुंचकर इतिहास रच चुके हैं। अब से कुछ देर बाद सेमीफाइनल में उनका सामना जापान के केंटो मोमोटा की चुनौती होगी। प्रकाश पादुकोण के बाद वर्ल्ड चैंपियनशिप में पुरुष सिंगल में मेडल जीतने वाले प्रणीत दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। पादुकोण ने 36 साल पहले 1983 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीता था। उन्हें कांस्य पदक मिला था।

इससे पहले ओलिंपिक सिल्वर मेडलिस्ट सिंधु ने क्वार्टर फाइनल में ताइवान की ताई जु यिंग को 1 घंटे 11 मिनट तक चले संघर्ष में मात दी। जबकि प्रणीत ने इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी पर 24-22, 21-14 से जीत दर्ज की।