विवेकानंद में वारदात करने वाले गिरोह का खुलासा

उज्जैन। विवेकानंद क्षेत्र में १४ कारों के कांच फोड़कर दहशत मचाने वाले पांच बदमाशों के गिरफ्त में आने के बाद गुरुवार को एसपी सचिन अतुलकर ने पूरे मामले का खुलासा किया। बताया आरोपी कुख्यात होने के लिए वारदातें कर दहशत भरे स्टेट्स फेसबुक पर डालते थे। आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश करेंगे। एसपी ने यह भी कहां कि ऐसी वारदातें तो पहले भी होती थीं लेकिन आरोपी नहीं पकड़ाने पर मामले सामने नहीं आते थे।

विवेकानंद, विष्णुपुरा व सिंधी कॉलोनी में ७ जनवरी की रात ज्ञात बदमाशों ने गदर मचाया था। बदमाशों ने पत्थरबाजी कर घरों के बाहर खड़े १४ वाहनों के कांच फोड़े थे। विरोध करने पर लोगों को धमकी देते हुए वसूली तक की थी। नीलगंगा थाने में आधा दर्जन लोगों द्वारा केस दर्ज करने और लोगों में दहशत होने पर पुलिस ने पड़ताल की।

पता चला कि पूर्व की तरह यह भी फेसबुकिए बदमाश हंै। इस पर पुलिस ने सोशल मीडिया से दहशत भरे संदेश देने वालों की आईडी तलाशी और घटनास्थल से मिले सीसीटीवी फुटेज से मिलाए तो पता चला सभी बदमाश विष्णुपुरा के निकले। मामले में खोजबीन कर पुलिस ने गुलशन उर्फ गोपाल पिता राजू ललावत (२०), सुमित पिता दुर्गाप्रसाद जाटवा (२०), पंकज पिता शेखर अखंड (१९) शिवम पिता मुन्नालाल अखंड (२०) व चेतन पिता नरेंद्र निर्मल (२०) को धरदबोचा। इनसे दो बाइक बाइक भी जब्त हुई है। पांचों बदमाश आठवीं-दसवीं तक ही पढ़े हैं। इन पर पूर्व में भी नीलगंगा थाने में केस दर्ज हंै। पुलिस सभी पर प्रतिबंधात्मक धाराओं में भी कार्यवाही करेगी।

पुलिस उनकी बाप
आरोपी गुलशन ललावत ने फेसबुक पर स्टेट्स डाला था कि हटो तुम्हारे बाप का बर्थ डे आया … बेटा चाकू ला.. किसी को निपटाना ..इस स्टेटस को प्रेस कॉन्फ्रेंस में रखकर एसपी बोले बदमाशों को गिरफ्त में आने के बाद समझ में आ गया उनके बाप कौन है। आरोपियों ने कबूला है वे फेसबुक पर दहशत भरी पोस्ट डालने की वजह अन्य बदमाश को जोड़कर बड़ा गिरोह बनाना था, जिससे शहर में सुपारी लेकर काम व हफ्तावसूली कर सके।

युवाओं के पैरेंटस को वार्निंग
बदमाश खुद को बहादूर बताने के लिए फेसबुक पर फ्रेंड बने किशोरों को जन्मदिन के बहाने बुलाते और चौराहों पर तलवार-चाकू से केक काटते। बाद में एंजॉय करने के नाम पर हुड़दंग करते हुए सड़कों पर खड़े वाहनों को फोड़ते और राहगीरों को पीटते थे। पुलिस इसीलिए इन बदमाशों के फेसबुक फे्रंडस के परिजनों से संपर्क कर उन्हें ऐसे लोगों से दूर रहने के लिए सचेत कर रही है।

पांच माह में छटी गैंग
शहर में पांच माह में कार फोड़कर फेसबुक के जरिए दहशत फैलाने वाले छह गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं। इनमें दुर्लभ कश्यप गैंग, अर्जुन मालवीय, मनोज बोखला, मुकेश भदाले और गोलू ठाकुर गैंग पहले पकड़ा चुकी है। नीलगंगा पुलिस ने हत्थे चढ़े आरोपियों का पिटाई करते हुए जुलूस निकाला। अब उन्हें शुक्रवार दोपहर कोर्ट में पेश कर आगे की कार्यवाही करेंगे।

इनकी रही सराहनीय भूमिका
एसपी अतुलकर ने बताया कि गिरोह का खुलासा कर पकडऩे में एएसपी अभिजीत रंजन, सीएसपी समीर सौरभ, टीआई प्रकाश वास्कले, सायबर सेल प्रभारी प्रतीक यादव, एसआई एनएस अंडेरिया, प्रआ. राधेलाल, अनिल आर्य, संजय त्रिपाठी व रितेश बोरिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जबकि गैंग का पता लगाने के लिए आरक्षक भंवरलाल यादव को विशेष ईनाम दिया जाएगा।

लूट करने के लिए मिटाए थे ऑटो के नंबर आज कोर्ट में पेश करेंगे आरोपियों को

उज्जैन। दो युवकों को चाकू की नोंक पर लूटने की वाले बदमाशों ने योजनाबद्ध तरीके से वारदात की है। इसीलिए उन्होंने लूट में प्रयुक्त ऑटो के नंबर पुतवा दिए थे। ऑटो सहित तीनों बदमाश के गिरफ्त में आने पर गुरुवार को एसपी सचिन अतुलकर न पूरे मामले का खुलासा कर दिया।

एसपी अतुलकर ने बताया कि भोला उर्फ इमरान पिता उस्मान खान निवासी फाजलपुरा, जय पिता जगदीश निवासी मेट्रो टॉकीज व नितेश पिता हीरालाल निवासी क्षीरसागर दोस्त हंै।

तीनों आदतन बदमाश हैं। ये बुधवार रात शराब पीने के बाद बिना नंबर की सीएनजी ऑटो में वारदात करने निकले। तीनों ने पहले वसावड़ा पेट्रोल पंप के पास गधापुलिया निवासी आकाश राठौर को रोका और चाकू की नोंक पर उससे ३२०० रुपए और मोबाइल लूट लिया। बाद में तीनों ने फाजलपुरा में रोहित बैरागी निवासी बजरंग नगर से भी ८०० रुपए और मोबाइल छीना और भाग गए। वारदात के कुछ ही देर बाद तीनों को कोतवाली पुलिस ने लिया है।

आईजी देंगे आरक्षकों को देंगे इनाम
आरोपियों को पकडऩे में आरक्षक भुवनेश श्रीवास व कपिल राठौर की मुख्य भूमिका है। एसपी ने कहा कि दोनों को आईजी राकेश गुप्ता ने विशेष पुरस्कार देने की घोषणा की है। वहीं टीआई सुनीता कटारा ने बताया कि आरटीओ से ऑटो मालिक का पता निकलाएंगे। आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ के बाद उन्हें शुक्रवार दोपहर कोर्ट में पेश करेंगे।