वृश्चिक

दैनिक

आपका सबसे बड़ा सपना हक़ीक़त में बदल सकता है। लेकिन अपने उत्साह को क़ाबू में रखें, क्योंकि ज़्यादा ख़ुशी भी परेशानी का सबब बन सकती है। भागीदारी वाले व्यवसायों और चालाकी भरी आर्थिक योजनाओं में निवेश न करें। किसी दूर के रिश्तेदार से अचानक मिली ख़बर आपका दिन बना सकती है। आपके प्यार को न सुनना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके सामने नई चुनौतियाँ आएंगी- ख़ास तौर पर अगर आप कूटनीतिक तरीक़े से चीज़ों को नहीं इस्तेमाल करेंगे तो। आज सोच-समझकर क़दम बढ़ाने की ज़रूरत है- जहाँ दिल की बजाय दिमाग़ का ज़्यादा इस्तेमाल करना चाहिए। आपका जीवनसाथी आपकी ज़रूरतों को अनदेखा कर सकता है, जिसके चलते आप चिड़चिड़े हो सकते हैं। उपाय :- अच्छी आर्थिक स्थिति के लिए गंगाजल को नहाने वाले पानी में मिलाकर स्नान करें।

साप्ताहिक राशिफल 25 Dec 2017 – 31 Dec 2017

स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। विदेश यात्रा के योग हैं। पारिवारिक जीवन अच्छा व्यतीत होगा। धार्मिक कार्य में मन लगेगा। संतान भी अपने कार्य में आगे बढ़ेगी। वहीं विद्यार्थियों को उनकी मेहनत का लाभ मिलेगा। आपको धन लाभ के योग हैं। लेकिन ख़र्च में वृद्धि संभव है। सरकार से लाभ की प्राप्ति होगी। कार्यक्षेत्र में आपकी साख बढ़ेगी।

वार्षिक

इस साल की शुरुआत किसी व्यापार को शुरू करने के लिए उत्तम है। 2017 के वृश्चिक फलकथन के अनुसार काम धंधे में बढ़ोत्तरी होने से आपकी आमदनी में इज़ाफा संभव है। आप कोई अच्छी योजना बनाकर लाभ कमा सकते हैं। मित्रों के सहयोग से बिजनेस में तरक्की हो सकती है। व्यवसायी वर्ग विदेशों में अपने काम का विस्तार कर सकते हैं। कई फायदेमंद सौदों से आप जुड़ सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों के लिए समय प्रगतिकारक रहेगा। आपका मन उत्साह से पूर्ण रहेगा और कठिन से कठिन समस्या का सामना करने के लिए आप तत्पर रहेंगे। प्रतिभावान होने के साथ-साथ यदि आप थोड़े एक्सप्रेसिव बनें तो सफलताओं के आसमान छूने लगेंगे। कार्यक्षेत्र में आपको किसी बड़े अधिकारी का सहयोग मिल सकता है। उच्च अधिकारियों से आपको प्रशंसा मिलने की उम्मीद है। भाग्य इस दौरान आपका साथ देगा। अपने कार्यों में आप गंभीरता से लगे रहेंगे। लेकिन ऑफिस या कार्यक्षेत्र के माहौल को भी भांपते रहें।

            kalash २०१६  kalash

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०५ जनवरी (मंगलवार) सफला एकादशी
०६ जनवरी (बुधवार) वैष्णव सफला एकादशी
२० जनवरी (बुधवार) पौष पुत्रदा एकादशी
०४ फरवरी (बृहस्पतिवार) षटतिला एकादशी
१८ फरवरी (बृहस्पतिवार) जया एकादशी
०५ मार्च (शनिवार) विजया एकादशी
१९ मार्च (शनिवार) आमलकी एकादशी
०३ अप्रैल (रविवार) पापमोचिनी एकादशी
०४ अप्रैल (सोमवार) गौण पापमोचिनी एकादशी वैष्णव पापमोचिनी एकादशी
१७ अप्रैल (रविवार) कामदा एकादशी
०३ मई (मंगलवार) बरूथिनी एकादशी
१७ मई (मंगलवार) मोहिनी एकादशी
०१ जून (बुधवार) अपरा एकादशी
१६ जून (बृहस्पतिवार) निर्जला एकादशी
३० जून (बृहस्पतिवार) योगिनी एकादशी
०१ जुलाई (शुक्रवार) गौण योगिनी एकादशी वैष्णव योगिनी एकादशी
१५ जुलाई (शुक्रवार) देवशयनी एकादशी
३० जुलाई (शनिवार) कामिका एकादशी
१४ अगस्त (रविवार) श्रावण पुत्रदा एकादशी
२८ अगस्त (रविवार) अजा एकादशी
१३ सितम्बर (मंगलवार) परिवर्तिनी एकादशी
२६ सितम्बर (सोमवार) इन्दिरा एकादशी
१२ अक्टूबर (बुधवार) पापांकुशा एकादशी
२६ अक्टूबर (बुधवार) रमा एकादशी
१० नवम्बर (बृहस्पतिवार) देवुत्थान एकादशी
११ नवम्बर (शुक्रवार) गौण देवुत्थान एकादशी वैष्णव देवुत्थान एकादशी
२५ नवम्बर (शुक्रवार) उत्पन्ना एकादशी
१० दिसम्बर (शनिवार) मोक्षदा एकादशी
२४ दिसम्बर (शनिवार) सफला एकादशी
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कभी कभी एकादशी व्रत लगातार दो दिनों के लिए हो जाता है। जब एकादशी व्रत दो दिन होता है तब स्मार्थ-परिवारजनों को पहले दिन एकादशी व्रत करना चाहिए। दुसरे दिन वाली एकादशी को दूजी एकादशी कहते हैं।