शताब्दी ने नेत्र और हस्त संचालन से ओडिसी नृत्य की तकनीक समझाई

उज्जैन। स्पिक मैके व भारत सरकार के उपक्रम आईओसीएल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मंगलवार को कोलकाता की ख्यात नृत्यांगना शताब्दी मलिक ने ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति दी। उन्होंने नेत्र व हस्त संचालन से नृत्य की बारीकियां समझाईं। पहली प्रस्तुति शासकीय माध्यमिक विद्यालय नानाखेड़ा में दी। आभार शिक्षक अनिल कुमार पाल ने माना। दूसरी प्रस्तुति शासकीय प्राथमिक विद्यालय ग्राम मालनवासा में दी। यहां उन्होंने राग मल्लिक एवं ताल मल्लिक में निबद्ध रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर आधारित प्रस्तुति द्वारा नवरसों से परिचित कराया।

बच्चों को गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु श्लोक पर ओडिसी नृत्य की मुद्राएं सिखाईं अतिथियों का आभार प्रधानाध्यापिका गुलाब मेहर ने माना। अंतिम प्रस्तुति शासकीय मावि ग्राम शक्करवासा में दी। जहां उन्होंने महर्षि व्यास द्वारा रचित राग भैरवी में निबद्ध दुर्गा सप्त शती पर आधारित मनमोहक प्रस्तुति दी। जानकारी स्पिक मैके के राज्य समन्वयक पंकज अग्रवाल ने दी।