शराब की धार लगाकर कलेक्टर ने किया माता पूजन

अक्षरविश्व न्यूज.उज्जैनशा:रदीय नवरात्रि महापर्व की अष्टमी तिथि पर शहर के माता मंदिरों में शासकीय पूजा का आयोजन प्रतिवर्ष परंपरानुसार किया जाता है। सुबह कलेक्टर शशांक मिश्र ने चौबीस खंबा माता मंदिर पहुंचकर पूजन अर्चन व शराब की धार लगाकर माता की आराधना की और इसके बाद शुरू हुई शराब की अटूट धार के साथ नगर पूजन की यात्रा।

यह है परंपरा
शहर में हरसिद्धि, भूखी माता, गढ़कालिका, चौबीस खंबा, नगरकोट सहित कुल 27 किलोमीटर की परिधि में करीब 64 माता मंदिर स्थित हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार राजाओं के समय से माता मंदिरों में शासकीय पूजन की परंपरा है।

इसी का अनुसरण करते हुए प्रतिवर्ष नवरात्रि की अष्टमी तिथि को माता पूजन का आयोजन किया जाता है। चौबीस खंबा माता मंदिर में पूजन के बाद कोटवार हाथ में तांबे का घड़ा लेकर चलता है। घड़े में एक छेद किया जाता है और उसमें भरी शराब की धार अनवरत बहती रहती है।

300 लीटर शराब के साथ भोग भी
माता मंदिरों में शराब के साथ भजिये, पूड़ी, चने, गेहूं, निंबू, कौड़ी भी भोग के रूप में चढ़ाये जाते हैं। इसके अलावा प्रमुख माता मंदिरों में चुनरी, सुहाग की सामग्री भी अर्पित की जाती है। शराब का घड़ा लेकर चलने वाले कोटवार राजाराम निवासी हामूखेड़ी ने बताया कि वह पिछले 20 वर्षों से यह कार्य कर रहा है। उनके साथ अन्य कोटवार टोकनियों में भरी भोग, पूजन व अन्य सामग्री, लाल झंडा लेकर चलते हैं।

कलेक्टर द्वारा माता जी की प्रतिमा पर मदिरा का भोग लगाया गया। पूजन के बाद इसी मदिरा का भक्तों ने प्रसाद के रूप में सेवन किया। भोग के लिए टोकरियों में विभिन्न व्यंजन रखकर तांबे के घड़े में मदिरा की धार लगाकर कोटवारों द्वारा अन्य माता मंदिरों के लिए यात्रा शुरू की।

हांडी फोड़ भैरव पर समापन
चौबीस खंबा माता मंदिर से शुरू हुआ नगर पूजन का क्रम रात तक चलेगा। यात्रा में शामिल कोटवार शहर के प्रमुख माता मंदिरों में पूजन अर्चन के बाद 27 किलोमीटर की यात्रा अंकपात मार्ग स्थित हांडीफोड़ भैरव पर समाप्त करते हैं।

ताकि नगर में सुख समृद्धि बनी रहे
राजाओं के जमाने से नगर पूजन का आयोजन होता रहा है। उसी परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। मान्यता है कि नगर में सुख समृद्धि बनी रहे इसी कामना को लेकर शराब व अन्य सामग्री से माता पूजन किया जाता है।
शशांक मिश्र, कलेक्टर