शराब तस्करी में दुश्मन को फंसाना चाहते थे, खुद ही फंस गए

चोरी की कार शराब के साथ बरामद साजिशकर्ता गिरफ्त में, खुलासा जल्द

उज्जैन। शराब तस्करी के केस में दुश्मनों को फंसाने की साजिश कुछ बदमाशों को भारी पड़ गई। चिमनगंज पुलिस ने शराब से भरी कार के साथ आरोपियों को भी हिरासत मेें ले लिया। मामले का पुलिस जल्द खुलासा करेगी।

सूत्रों के अनुसार दिसंबर माह में नानाखेड़ा निवासी अहाता संचालक महेश राठौर की एक मारुति 800 कार चोरी हो गई थी। बताया जाता है कार गैरेज से चोरी हुई थी। इस मामले में फरियादी जिन लोगों को संदिग्ध बताते हुए कार से शराब तस्करी की शंका जताते हुए फंसाने की साजिश बता रहा था। पुलिस उस पर पड़ताल कर रही थी।

इसी दौरान चिमनगंज पुलिस ने 23 दिसंबर को सात पेटी शराब के साथ कार बरामद कर ली और कार मालिक को तलाशने लगी। कार मालिक द्वारा पूर्व में अपने दुश्मनों पर शंका जताने के कारण केस पेचिदा हो गया और पुलिस ने सूक्ष्मता से पड़ताल करते हुए कार चोरी वाले स्थान के सीसी टीवी फुटेज खोजे। फुटेज मिलने के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई।

मामले में पुलिस ने करीब 3 लोगों को दबोच लिया। जिनसे पूछताछ के बाद पता चला है कि कुछ लोगों ने अपने दुश्मनों को फंसाने के लिए कार चोरी कर शराब तस्करी का षंडय़ंत्र रचा था। टीआई अरविंद तोमर ने कहा कि मामले में लिखापड़ी के बाद जल्द ही खुलासा करेंगे।

वर्चस्व की लड़ाई : पुलिस सूत्रों के यह शराब कारोबार से जुड़े दो पक्षों के बीच वर्चस्व की लड़ाई के कारण साजिश रची गई है। 55 लीटर से अधिक शराब मिलने पर आरोपी की जमानत नहीं होती इसीलिए कार में सात पेटी शराब रखी गई थी।