शहर में जहां डेंगू के मरीज, वहां के अस्पतालों में जांच की व्यवस्था नहीं

इंदौर। जिले में जुलाई में ही डेंगू के 50 से अधिक मामले सामने आए हैं जबकि जनवरी से अब तक कुल 65 मरीज मिले हैं। इनमें से 48 मरीज प्राइवेट अस्पतालों व मात्र 17 मरीज सरकारी अस्पतालों से मिले हैं। जिन क्षेत्रों से सबसे अधिक मरीज मिल रहे हैं उन स्थानों पर डेंगू जांच के लिए सरकारी सेटअप में कोई व्यवस्था नहीं है। यही नहीं शहर के किसी भी सरकारी अस्पताल में डेंगू की जांच नहीं होती। सारे टेस्ट लेकर एमजीएम कॉलेज लैबोरेटरी में भेजा जाता है। यहां पर पुष्टि होने पर ही उसे डेंगू पॉजिटिव माना जाता है। रविवार या अवकाश के दिन कोई यह जांच कराने सरकारी अस्पतालों में पहुंचे तो उसके सैंपल लेने की व्यवस्था भी नहीं रहती। शहर में हर साल जून से लेकर सितंबर तक बड़ी संख्या में डेंगू पॉजिटिव मरीज मिलते हैं। जुलाई माह में इस साल यह आंकड़ा पिछले साल से दोगुना हो चुका है। 2017 जुलाई माह में 31 के लगभग डेंगू पॉजीटिव मरीज शहर में मिले थे जबकि इस बार 65 मरीज हो चुके हैं। शासकीय अस्पतालों में मलेरिया विभाग के माध्यम से मलेरिया स्लाइड बनाई जाती है, लेकिन डेंगू के लिए अलग से कोई जांच व्यवस्था नहीं है। जिला अस्पताल, पीसी सेठी अस्पताल, मांगीलाल चुरिया अस्पताल, मल्हारगंज पॉलीक्नीनिक व हुकुमचंद अस्पताल से जांच रिपोर्ट एमजीएम कॉलेज स्थित वायरोलॉजी विभाग की लैब में भेजी जाती है। जहां मेकलाइजा टेस्ट होने के बाद मरीज को पॉजीटिव माना जाता है जबकि प्राइवेट अस्पताल बाजार की लैब में यह जांच कर मरीजों का उपचार कर रहे हैं। प्राइवेट लैबोरेटरी में जांच हो रही है।