शादी पर कम खर्च करना भी बन सकता है तनाव और तलाक की वजह!

हांलाकि शादी पर पानी की तरह पैसा बहाना भी सही नहीं है. महंगी जगह शादी करना और 3-4 बार शादी का रिसेप्शन देना एक अलग ट्रेंड बनता जा रहा है.

ये महंगी शादियां अक्सर आलोचना का शिकार भी बनती हैं. कुछ लोगों कहना है कि शादी अपने बजट में करनी चाहिए. दिखावे से दूर और बजट में शादी को बढ़ावा देने की राय देते लोग देखे जा सकते हैं. पर क्या आप जानते हैं कि सस्ते में शादी करने के बावजूद आपके वैवाहिक जीवन में तनाव हो सकता है, जिसका अंजाम आगे चलकर डिवोर्स भी हो सकता है. एक सर्वे में इस तरह की बातें सामने आई हैं.

क्या कहता है सर्वे –

नोवी मनी द्वारा किए गए सर्वे में कुछ दिलचस्प बातें सामने आई हैं. पिछले 10 सालों में शादी करने वाले 1,000 लोगों पर ये सर्वे किया गया. इन कपल्स से इस बात की जानकारी ली गई कि शादी में इन्होंने खुद पर कितना खर्च किया और कितने का बिल भरा. शादी के इतने सालों बाद अब उन खर्चों पर उनसे राय मांगी गई.

सर्वे के अनुसार लाखों खर्च करने के बावजूद ज्यादातर लोग अपनी शादी बेफ्रिकी और खुलेदिल से जी रहे हैं जबकि लगभग 70,000 रुपये से कम में शादी करने वाले अपनी जिंदगी से खुश नहीं दि

ज्यादा खर्च भी ठीक नहीं –

हालांकि शादी पर पानी की तरह पैसा बहाना भी सही नहीं है. सर्वे में ऐसे लोग भी थे जिन्होंने शादी पर बहुत कम खर्च किए लेकिन वो अपनी जिंदगी से संतुष्ट दिखे. जरूरत से ज्यादा खर्च तनाव का भी कारण बन सकता है. दिखावे के लिए महंगी शादी करने वाले अक्सर कर्ज के बोझ में दब जाते हैं और जिंदगी भर मानसिक दबाव में रहते हैं.