शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 600 अंक टूटा, रुपया पहली बार 73.50 के पार

गुरुवार को भी शेयर बाजार और करेंसी मार्केट में गिरावट का दौर देखने को मिला। सेंसेक्स 600 अंक टूटा तो वहीं रुपया भी 73.50 के पार चला गया। सेंसेक्स 562 अंक की गिरावट के साथ 35,413 के स्तर पर और निफ्टी 176 अंक गिरकर 10,682 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
1 डॉलर की कीमत 73.5 रुपये के पार निकल गई है। आज डॉलर के मुकाबले रुपया 26 पैसे की कमजोरी के साथ 73.60 के स्तर पर खुला है, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। वहीं खुलने के बाद डॉलर के मुकाबले रुपया 73.70 तक टूट गया। कल के कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 73.34 के स्तर पर बंद हुआ था।

दिग्गज शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, आयशर मोटर्स, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, हीरो मोटो, एचडीएफसी और टीसीएस 4.6-2.2 फीसदी तक टूटे हैं। मिडकैप शेयरों में गृह फाइनेंस, सीजी कंज्यूमर, एमआरपीएल, इमामी और जीई टीएंडडी 3.7-3.1 फीसदी तक कमजोर हुए हैं। स्मॉलकैप शेयरों में आशापुरा इंटीमेंट, कावेरी सीड, इक्रा, बन्नामारिम्मन और अरिहंत सुपर 10-6.6 फीसदी तक गिरे हैं।

डॉलर के मुकाबले रुपये के 70 के स्तर पार पहुंचने का असर कच्चे तेल के आयात पर हो सकता है। आयात महंगा होगा तो ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ा सकती हैं। देश में खाने-पीने की चीजों और दूसरे जरूरी सामानों के ट्रांसपोर्टेशन के लिए डीजल का इस्तेमाल होता है। ऐसे में डीजल महंगा होते ही इन सारी जरूरी चीजों के दाम बढ़ेगा।

साबुन, शैंपू, पेंट इंडस्ट्री की लागत बढ़ेगी, जिससे ये प्रोडेक्ट भी महंगे हो सकते हैं।वैश्विक कीमतों में तेजी और डॉलर के मुकाबले रुपया पहली बार 73 के पार जाने से घरेलू बाजार में सोने-चांदी में बड़ी तेजी देखने को मिली। सोने की कीमत 555 रुपए बढ़कर 32,030 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। सोने में नोटबंदी के बाद यह सबसे बड़ी तेजी है।

नोटबंदी की घोषणा 8 नवंबर 2016 की रात की गई थी। अगले दिन सोना 900 रुपए महंगा हुआ था। इस साल 15 जून के बाद यह पहला मौका है जब सोने की कीमत 32,000 रुपए के ऊपर गई है। 14 अगस्त को यह 30,630 रुपए के निचले स्तर पर थी। इसके बाद दाम में 4.5% बढ़ोतरी हुई है।

जयपुर सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के अध्यक्ष कैलाश मित्तल के मुताबिक अमेरिका-कनाडा के बीच नई ट्रेड डील से सोने-चांदी की वैश्विक कीमतों में 1.5% तेजी आई। इसका असर घरेलू बाजार में भी दिखा। हालांकि श्राद्ध पक्ष के कारण घरेलू बाजार में सोने की मांग 30 से 40% कम है।

लेकिन डॉलर की मजबूती से आयात महंगा होने और वैश्विक कीमतों में तेजी के कारण सोना महंगा हुआ। इस साल अब तक रुपया 13% कमजोर हो चुका है, घरेलू बाजार में सोने की कीमत में डेढ़ महीने में 4.5% वृद्धि हुई है