श्रीराम-जानकी विवाह महोत्सव में छाया उल्लास

उज्जैन। भगवान शिव का धनुष तोडऩे के लिए दस हजार अहंकारी एवं एक-दूसरे के विरोधी राजा संगठित होकर भी जिस शिव धनुष को नहीं तोड़ सके उसे भगवान श्रीराम ने बिना किसी अहंकार के सहजता से ही तोड़ दिया।
यह बात परमहंस डॉ. अवधेशपुरी महाराज ने अवधेशधाम में चल रही श्रीराम कथा में श्रीराम जानकी विवाह महोत्सव में कही। इस अवसर पर आश्रम में आशा फाउंडेशन एवं क्षत्रिय महासभा की महिला विंग द्वारा नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया जिसका सैकड़ों लोगों ने लाभ लिया। कथा समापन पर सुलभ शांतु गुरु, नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र वशिष्ठ, अजीत सिंह, अशोक प्रजापति, हास्य कवि अशोक भाटी, पवन पांचाल आदि ने महाराजश्री का सम्मान किया। कथा स्थल पर लगाई स्वस्तिक प्रदर्शनी को देखने हेतु भी भक्त उमड़ रहे हैं।