श्री कालभैरव अष्टमी: आज रात 12 बजे होगी महाआरती, कल निकलेगी सवारी

उज्जैन। श्री कालभैरव भैरव अष्टमी के उपलक्ष्य में दो दिवसीय महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। गुरुवार को भगवान महाकाल के सेनापति एवं उज्जैन के क्षेत्रपाल कालभैरव महाराज का पूजन, अभिषेक, हवन एवं शृंगार किया जाएगा। रात १२ बजे महाआरती की जाएगी। श्री कालभैरव मंदिर के शासकीय पुजारी पं. सदाशिव चतुर्वेदी के अनुसार 29 नवंबर को श्री कालभैरव भगवान का पंचामृत अभिषेक होगा तथा भैरव सहस्त्र नामावली का पाठ होगा। हवन, पूजन के साथ ही चोला शृंगार किया जाएगा तथा रात 12 बजे महाआरती होगी। इसके बाद भंडारा होगा। दो दिवसीय महोत्सव में देश सहित विदेश से भी भक्त शामिल होंगे। महोत्सव को लेकर श्री कालभैरव मंदिर पर आकर्षक विद्युत सज्जा की गई है।

भैरव अष्टमी पर 30 नवंबर को शाम 4 बजे श्री कालभैरव महाराज की सवारी निकलेगी। मंदिर में सवारी का पूजन कलेक्टर मनीष सिंह करेंगे। सवारी में हाथी, घोड़े, रथ, बैंड एवं अखाड़े शामिल होंगे। सवारी श्री कालभैरव मंदिर से शुरू होकर जेल के मुख्य द्वार से होती हुई सिद्धवट मंदिर पहुंचेगी जहां आरती पश्चात भैरवगढ़ क्षेत्र के विभिन्न मार्गों से होती हुई पुन: श्री कालभैरव मंदिर पहुंचेगी।

अनंत व्यंजन का लगेगा भोग
तीर्थ क्षेत्र अवंतिका में विराजित भगवान छप्पन भैरव स्थित भागसीपुरा पर 29 नवंबर को अनंत व्यंजन का भोग लगाया जाएगा। अन्नकूट के दर्शन शाम 6 से रात 8 बजे तक होंगे। इसके बाद महाआरती एवं संगीत निशा होगी। पं. श्रीधर व्यास ने बताया भगवान 56 भैरव का शृंगार पं. राजेश व्यास करेंगे। इस अवसर मंदिर का डेकोरेशन धार के भरत रावल करेंगे। रात ९ बजे से इंदौर व उज्जैन के संगीत कलाकारों द्वारा सांगीतिक अनुष्ठान किया जाएगा। देर रात्रि के बाद प्रसाद वितरित किया जाएगा।