संघर्ष के दिनों में याद रखें स्वामी विवेकानंद की ये 10 बातें

पढ़ाई-लिखाई हो या बिजनेस या फिर नौकरी। हम सभी के सामने कई बार ऐसी स्थिति आती है जब हमारा धैर्य साथ छोड़ने लगता है।

एक के बाद एक कठिनाइयां हमारे सामने पहाड़ बनकर खड़ी हो जाती हैं। सफलता दूर होने लगती है, ऐसे में याद आते हैं हमारे महापुरुष और उनकी प्रेरणादायी बातें। स्वामी विवेकानंद की प्रेरणादायक बातें युवाओं को अपने लक्ष्य पर फोकस करने की सीख देती हैं।

आइए, जानते हैं स्वामी विवेकानंद की प्रेरणादायी बातें जिनपर अमल करके आप अपने लक्ष्य पर फोकस कर सकते हैं और संघर्ष के दिनों में आपको इससे प्रेरणा भी मिलती है।

  1. पढ़ने के लिए जरूरी है एकाग्रता, एकाग्रता के लिए जरूरी है ध्यान। ध्यान से ही हम इन्द्रियों पर संयम रखकर एकाग्रता प्राप्त कर सकते है।
  2. ज्ञान स्वयं में वर्तमान है, मनुष्य केवल उसका आविष्कार करता है।
  3. उठो और जागो और तब तक रुको नहीं जब तक कि तुम अपना लक्ष्य प्राप्त नहीं कर लेते।
  4. जब तक जीना, तब तक सीखना, अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है।
  5. पवित्रता, धैर्य और उद्यम- ये तीनों गुण मैं एक साथ चाहता हूं।
  6. लोग तुम्हारी स्तुति करें या निन्दा, लक्ष्य तुम्हारे ऊपर कृपालु हो या न हो, तुम्हारा देहांत आज हो या युग में, तुम न्यायपथ से कभी भ्रष्ट न हो।
  7. जिस समय जिस काम के लिए प्रतिज्ञा करो, ठीक उसी समय पर उसे करना ही चाहिये, नहीं तो लोगो का विश्वास उठ जाता है।
  8. जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते तब तक आप भगवान पे विश्वास नहीं कर सकते।
  9. एक समय में एक काम करो , और ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमे डाल दो और बाकी सब कुछ भूल जाओ।
  10. जितना बड़ा संघर्ष होगा जीत उतनी ही शानदार होगी