सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आज, हर 100 मीटर की दूरी पर सामने आ जाती है परेशानी

उज्जैन:लंबे समय बाद सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आज होने वाली है। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर करेंगे। सड़क व यातायात से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा के साथ निराकरण के उपाय और निर्णय लेकर निर्देश भी जारी होंगे।

इस प्रकार की बैठकें पहले भी हो चुकी हैं लेकिन धरातल पर संबंधित विभागों द्वारा कोई कार्य नहीं किया गया। शहर की वर्षों पुरानी समस्या मवेशी, गड्ढे और जाम के कारण लोग परेशान हैं जो आज भी जस की तस बनी हुई है। वर्तमान स्थिति यह है कि शहर की सड़कों पर प्रति 100 मीटर की दूरी पर मवेशियों का झुंड अथवा बड़े-बड़े गड्ढे मिल जाएंगे, यदि इन दोनों से कोई बच भी जाये तो निश्चित तौर पर जाम की समस्या से बच नहीं सकता।

रोज लगते है सड़कों पर जाम
पहले के समय में मुख्य मार्गों पर जाम लगने की समस्या पर्वों के दौरान सामने आती थी, लेकिन वर्तमान में यह समस्या प्रतिदिन की हो चुकी है। स्कूल व कार्यालयीन दिनों में पुराने शहर के मुख्य मार्ग व आंतरिक मार्गों पर स्कूल बसें, ऑटो व अन्य वाहनों के आवागमन से जाम की समस्या उत्पन्न होती है। लंबा जाम लगने पर पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्था तो संभालते हैं, लेकिन समस्या का हल किसी ने नहीं निकाला।

बारिश के बाद उखड़ी शहर की सड़कें
शहर की कॉलोनियों और आंतरिक मार्गों की सड़कों पर पहले से छोटे-बड़े गड्ढे थे, लेकिन बारिश के बाद मुख्य मार्गों की डामरीकृत सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे उभर आये हैं। डामर के साथ छोडऩे के कारण गिट्टी की चूरी भी सड़कों पर बिखरी पड़ी है। हालांकि नगर निगमकर्मी कुछ मार्गों पर सड़कों की सफाई के दौरान गिट्टी चुरी उठा रहे हैं बावजूद इसके समस्या जस की तस है। इस समस्या से भी अधिक परेशानी दो पहिया वाहन चालकों को ही है। असावधानी से वाहन चलाने की स्थिति में गिट्टी चूरी से वाहन फिसल रहे हैं और लोग गिरकर घायल भी हो रहे हैं।

मुख्य सड़कें हों या कॉलोनी सभी दूर मवेशी
खिलचीपुर नाके से लेकर गाड़ी अड्डा, कोयला फाटक, चामुण्डा चौराहा, देवासगेट चौराहा, रेलवे स्टेशन, इंदौरगेट होते हुए हरिफाटक ब्रिज मुख्य मार्ग है। इस मार्ग की वर्तमान स्थिति यह है कि प्रति 100 मीटर की दूरी पर मवेशियों के झुंड बीच सड़क अथवा रोड़ डिवाइडर के पास बैठे अथवा विचरण करते मिल जाएंगे। इसके अलावा गोपाल मंदिर क्षेत्र के बाजार और गलियां व फ्रीगंज क्षेत्र में भी मवेशियों की संख्या प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इन मवेशियों से सबसे अधिक खतरा दो पहिया वाहन चालकों को रहता है। महिलाएं, युवा और वृद्ध बड़ी संख्या में इन्हीं मवेशियों से टकराकर दुर्घटना के शिकार होते हैं।

हरिफाटक ब्रिज पर दो घंटे तडफ़ता रहा बछड़ा
सुबह 7 बजे अज्ञात वाहन हरिफाटक ब्रिज पर बछड़े को टक्कर मार गया। गंभीर घायल बछड़ा सुबह 9 बजे तक यहां तडफ़ता रहा। सफाईकर्मी विजय ने बताया कि बछड़े को चोंट लगी हैं। दरोगा को इसकी सूचना उसी समय दे दी थी लेकिन अब तक नगर निगम से कोई नहीं आया।

जहरीला धुआं छोड़ते चलन से बाहर वाहन
दुर्घटनाओं और प्रदूषण का कारण बन चुके टेम्पो को शासन द्वारा वर्षों पहले चलन से बाहर कर दिया था। यह वाहन अब लोडिंग वाहनों के रूप में सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इन्हें न तो यातायात पुलिस और न ही आरटीओ द्वारा रोका-टोका जाता है और न ही चालानी कार्रवाई की जाती है।

३ विभाग जिम्मेदार, सबका अपना तर्क
सड़क परिवहन से जुड़ी उक्त समस्याओं के निराकरण के लिये तीन विभागों के पास जिम्मेदारी हैं, जिनमें नगर निगम, आरटीओ और यातायात शामिल हैं। इसको लेकर अक्षर विश्व ने तीनों विभागों के अधिकारियों से चर्चा की।

यह देखना यातायात पुलिस का काम है
आवारा मवेशी, सड़कों के गड्ढे और यातायात की समस्या नगर निगम व पुलिस से जुड़ी है। चलन से बाहर हुए वाहन टेम्पो और ऑटो के सड़कों पर चलते पाये जाने पर यातायात पुलिस ही कार्रवाई करती है। यदि मीटिंग में विषय आते हैं तो निर्णय लिया जायेगा।
अरविंद कुशराम, आरटीओ

जगह नहीं, इसलिए नहीं पकड़ रहे मवेशी
नगर निगम की कपिला गौशाला में पहले से ही क्षमता से अधिक मवेशी हैं। कलेक्टर के माध्यम से उक्त मवेशियों को अन्य गौशाला भिजवाने के प्रयास कर रहे हैं उसके बाद ही शहर की सड़कों से आवारा मवेशियों को पकड़ा जायेगा। सड़कों के गड्ढों पर पेंचवर्क का काम आज से शुरू कर दिया है। प्रमुखता से उन मार्गों पर पेंचवर्क कर रहे हैं जहां से मोहर्रम का जुलूस और गणेश जी की झांकियां निकलना है।
मनोज पाठक, प्रभारी अपर आयुक्त नगर निगम

लोगों को जागरूक बनना पड़ेगा
सड़कें ट्र्रैफिक दबाव के मान से संकरी हैं, पुराने शहर की भौगोलिक स्थिति को बदलना भी मुश्किल है ऐसे में लोगों को ट्र्रैफिक नियमों के लिये स्वयं जागरूक बनना पड़ेगा। हालांकि सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के बारे में मुझे कोई सूचना नहीं है। यदि बुलाएंगे तो समस्याओं के निराकरण के लिये चर्चा करेंगे।
एच.एन. बाथम, डीएसपी ट्रैफिक