सपने देखें और उसे पूरा करने के रास्ते पर चलें

एक शहर में एक छोटा लड़का रहता था। उसके पिताजी शहर के ही एक अमीर सेठ के घर काम करते थे। लड़का अपने पिता को दिन भर सेठ की गाड़ियां साफ करता देखता और सोचता कि मेरे पिता जी इतनी मेहनत करते हैं फिर भी उन्हें वो मान-सम्मान नहीं मिलता जो लोग सेठ को देते हैं। एक दिन लड़के के स्कूल में टीचर ने बच्चों से एक लेख लिखने को कहा, जिसमें उन्हें बताना था कि वो बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं।

उस लड़के ने एक बेहतरीन लेख लिखा और उसमें घर और गाड़ियों की फोटो भी बना दी। शिक्षक ने सभी कॉपियां जांचने के बाद रिजल्ट सुनाया तो लड़के की कॉपी पर बड़े अक्षरों से फेल लिख दिया। जब लड़के ने टीचर से वजह पूछी तो टीचर ने कहा, ‘बेहतर होता तुम कोई छोटा लेख लिखते क्योंकि तुमने जो लिखा है, वो असंभव है।

तुम लोगों के पास कुछ नहीं है इसलिए ऐसा संभव नहीं है लेकिन मैं तुम्हें दूसरा मौका दे सकता हूं। तुम लेख दोबारा लिखो और कोई वास्तविक लक्ष्य बनाओ।‘ लड़का उस कॉपी को लेकर घर गया और उस पर काफी सोचा। अगले दिन वो टीचर के पास जाकर बोला, ‘अगर आप मुझे फेल करना चाहते हैं तो कर दीजिये लेकिन मैं अपने सपने को नहीं बदलूंगा।‘बीस साल बाद वही टीचर एक सम्मेलन में मंच पर खड़े एक बेहद कामयाब नौजवान का भाषण बड़े गौर से सुन रहा था। भाषण खत्म होने के बाद नौजवान नीचे आया, उसने टीचर के पैर छुए और उन्हें अपना परिचय दिया। ये वही छोटा लड़का था, जिसे कभी उस टीचर ने फेल किया था। आज वो एक कामयाब बिजनेसमैन बन चुका था, जिसके पास हर वो चीज थी जो उसने बचपन में अपने लेख में लिखी थी।दोस्तों, जरूरी नहीं है कि कोई आदमी जो आपसे बड़ा या समझदार है, वह आपको सबसे सही तरीके से जज कर सकता है। केवल आप खुद अपनी क्षमता को पहचानते हैं। सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए उस रास्ते पर चल पड़ें।

1. हमें सपने देखने नहीं बंद करने चाहिए बल्कि उन्हें सच करने के लिए अपनी तरफ से पूरी कोशिश करनी चाहिए।

2. जरूरी नहीं है कि कोई आदमी जो आपसे बड़ा है, आपको सही तरीके से जज कर सकता है। केवल आप अपनी क्षमता पहचानते हैं।