सफलता के लिए नई राह बनाने में संकोच न करें

मंजिल को पाने का हर किसी का अपना तरीका और सोच होती है। इसके बावजूद सफलता हर किसी के पास नहीं आती है। कुछ सफर शुरू होने से पहले ही हार मान लेते हैं, तो कुछ रास्ते की मुश्किलों से निराश होकर पीछे हट जाते हैं। कुछ ऐसे भी होते हैं, तो सफलता मिलने में लग रहा समय ज्यादा तकलीफदेह होता है। ऐसे लोग अक्सर सिर्फ भटक कर रह जाते हैं। आपके मन में भी अगर कोई दुविधा है, तो ये 3 टिप्स आपके काम आएंगे। आइए जानते हैं इन्हें :

लक्ष्य पाने की यात्रा रोमांचक भी हो सकती है और डरावनी भी। पर इसका पता तभी चलता है, जब हम उसे पाने की कोशिश करते हैं। जो रुके रह जाते हैं, उनके हिस्से में मलाल ही आता है। लेखिका डॉली पार्टन कहती हैं, ‘अगर वह राह पसंद नहीं, जिस पर चल रहे हैं तो दूसरी राह बनाने की कोशिश करें।’

हम जैसा भी जीवन जी रहे हैं, उसके लिए कोई और नहीं, हम ही जिम्मेदार हैं। हमारी कमाई, हमारे कर्ज, हमारे रिश्ते और हमारे अनुभव, हमारे अपने सोचे, समझे और किए का नतीजा हैं। मोटिवेशनल स्पीकर जैक कैनफील्ड कहते हैं, ‘समस्याओं पर सुस्ती या लापरवाही से काम करने की बजाय अपने कामों की जिम्मेदारी लें। बहाने न बनाएं।’

देर-सवेर वह सभी झूठ ध्वस्त हो जाते हैं, जो हम खुद से बोलते रहते हैं। तभी हम खुद को, अपने सच को जान भी पाते हैं। हालात हमें तोड़ते हैं, ताकि हम दुख को समझ सकें, हार का सम्मान कर सकें। अपने झूठ के खोल से बाहर आने का रास्ता यही है कि हम घबराना छोड़ें। आसानियों के जिस आवरण को हम ओढ़ लेते हैं, उससे बाहर निकलें।