सफलता के लिए भी जरूरी है मजबूत रिश्तों का साथ

जिंदगी है तो मनुष्य है और मनुष्य है तो रिश्ते हैं। हमारा मन अकेले होने से घबराता है, उपेक्षा से दुखी होता है, और दूसरों से जुड़ने के लिए बेचैन रहता है। लंबे समय तक बने रहने वाले रिश्ते हमें खुशी देते हैं। कई बार यही रिश्ते हमारी तरक्की का रास्ता भी बनाते हैं। मगर इन रिश्तों को बनाए रखने के लिए हमें कोशिशें भी करनी होती हैं। आइए जानते हैं रिश्ते कैसे संवार सकते हैं आपका भविष्य

क्या कहते हैं रिश्तों से जुड़े शोध
बाहरी आकर्षण से भी रिश्ते बनते हैं, पर रिश्ते टिकाऊ भावनात्मक जुड़ाव से होते हैं। मनोचिकित्सक मैलेन ग्रीनबर्ग कहती हैं, ‘बाहरी सुंदरता व तौर-तरीके मस्तिष्क के प्रेरणा व पुरस्कार वाले हिस्से से जुड़ते हैं, जबकि भावनात्मक प्यार दिमाग के उस हिस्से पर काम करता है, जो देखभाल, करुणा व समानुभूति से जुड़ता है।’

अच्छे रिश्तों में हम एक-दूसरे की बेहतरी की कामना, दूसरे के दर्द को महसूस करना और उसे दूर करने की कोशिश करते हैं। अच्छे रिश्तों के मेटा-एनालिसिस से जुड़े एक अन्य शोध के अनुसार, अच्छे रिश्तों में स्थान की दूरी मायने नहीं रखती। लोग जब दूर होते हैं, तो एक-दूसरे के बारे में भला सोच रहे होते हैं। और जब साथ होते हैं, तो अपने अनुभवों को बांटते हुए एक-दूसरे से सीखते-सिखाते हुए आगे बढ़ते रहते हैं। घर हो या पेशेवर जिंदगी सीखने-सिखाने का यह सिलसिला चलता रहता है। मजबूत रिश्ते इसका आधार होते हैं।
शोध कहते हैं, प्यार की भावना से की गई कोशिशें हमारे नजरिए को बदलती हैं। डर, असुरक्षा और भय की भावनाओं को दूर करती हैं। डॉ. मैलिन कहती हैं, ‘अच्छे रिश्ते का अपना ही एक चक्र होता है। जो हमें दूसरे अच्छे रिश्तों की ओर ले जाता है।’

इन टिप्स से समझें मजबूत रिश्ते की अहमियत

अपना पूरा समय देते हैं। यूं ही फोन व दूसरे कामों में लगने की बजाय, जो साथ हैं, उन्हें खास महसूस कराते हैं।

दूसरों को सुनने व समझने की कोशिश करते हैं। उनकी बातों को बीच में काटकर अपनी सलाह नहीं देते।

भरोसा रखते हैं। कुछ गलत होने पर हालात को समझते हुए दूसरों से प्यार से पेश आते हैं।

दूसरों की इच्छाओं व सपनों का सम्मान करते हैं। अपना सहयोग देते हैं।

गलती होने पर खुद में सुधार करने के लिए तैयार रहते हैं।