समाज उपयोगी कार्य से होता है विद्यार्थियों में राष्ट्र और समाजसेवा की भावना का विकास

 उज्जैन-समाजोपयोगी कार्य करने से विद्यार्थियों में राष्ट्र एवं समाज सेवा की भावना का विकास होता है। यह बात शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत पुराणिक ने शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना अभिमुखीकरण कार्यक्रम में कही। छात्राध्यापकों को एनएसएस और उसके उद्देश्यों से परिचित कराने के लिए शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय में एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजेश साकोरीकर के संयोजन में कार्यक्रम आयोजित किया गया।

अतिथि डॉ. पुराणिक सहित अमित गोयल, डॉ. राजेश साकोरीकर, डॉ. संदीप नाडकर्णी, डॉ. स्वामीनाथ पांडे मंचासीन थे। शुभारंभ मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन से हुआ। इसके बाद छात्राध्यापक स्निग्धा नागदा ने गायन के माध्यम से सरस्वती वंदना की। छात्राध्यापक राजेश रघुवंशी ने एनएसएस गीत की प्रस्तुति दी।

डॉ. नाडकर्णी ने राष्ट्रीय सेवा योजना को समाजसेवा से जोड़ कर समाजसेवा के महत्व को प्रतिपादित किया। डॉ. पुराणिक ने राष्ट्रीय सेवा योजना के इतिहास, कार्य एवं उद्देश्यों के बारे में बताया। उनके द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना अंतर्गत विक्रम विश्वविद्यालय ईकाई द्वारा अर्जित की गई उपलब्ध्यिों की जानकारी भी दी गई। संचालन छात्राध्यापक संजय लालवानी एवं Ÿराजेश रघुवंशी ने किया। आभार डॉ. राजेश साकोरीकर ने माना। कार्यक्रम में शा. शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय के एमएड व बीएड के छात्राध्यापक उपस्थित थे।