सिद्धचक्र महामंडल विधान: श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर में हुई शुरुआत, दुर्लभमति मसा ने कहा…

उज्जैन से जुड़ा है विधान का इतिहास

दुर्लभ मति माताजी के सान्निय में लक्ष्मीनगर स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर में बुधवार से श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान शुरू हुआ। माताजी ने विधान की विशेषता बताई।

दुर्लभमति माताजी ससंघ सान्निध्य में प्रतिष्ठाचार्य अरुण जैन एवं पं. खुमानसिंह के निर्देशन में साधर्मियों के सहयोग से संपन्न किया जा रहा है। मंदिर प्रांगण में सुबह नित्य नियम पूजा हुई। माताजी ने सिद्ध भगवान की आराधना से श्रीपाल मैना सुंदरी के चारित्य पर पौराणिक महत्व बताते हुए कहा श्रीपाल राजा को कोढ़ होने पर मैना सुंदरी ने सिद्धचक्र मंडल विधान पूजा करने पर उनकी पीड़ा दूर हुई।

इसमें विशेष बात यह है कि यह संपूर्ण कथा उज्जैन पर आधारित है। उज्जैन में ही राजा को इस बीमारी से मुक्ति मिली थी एवं कई पुुण्य का सर्जन हुआ था। फ्रीगंज से श्री चंद्रप्रभु की, लक्ष्मीनगर सेठीनगर श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से श्री महावीर भगवान और ऋषिनगर मंदिरजी से श्री पाश्र्वनाथ भगवान की मूर्तियों को जुलूस के रूप में लाया गया।

मंत्रोच्चार से स्थापना कर अभिषेक-शांतिधारा की गई। विधान के दौरान आचार्य गुरुवर श्री 108 विद्यासागरजी के फोटो का अनावरण स्नेहलता सोगानी, वर्षा सुनील खुरईवाले, नरेंद्र बिलाला, अशोक जैन गुनावाले, सुशीला विनीता कासलीवाल ने किया।