सिरफिरे युवक ने Facebook पर किया LIVE सुसाइड, 5000 लोगों देखते रहे

त्रिवेणी नगर (न्यू आगरा) में मंगलवार की रात एक युवक फांसी पर लटक गया। फेसबुक लाइव पर दोस्तों ने मौत का तमाशा देखा। किसी ने बचाने का प्रयास नहीं किया। दोस्त कमेंट करते रहे वह फंदे पर लटक गया। कुछ ने तो इसे भी मजाक समझा। घरवालों को जब तक पता चला देर हो चुकी थी। फांसी के वीडियो को चार हजार से अधिक लोगों ने देखा है। सैकड़ों ने उसे शेयर किया है।

23 वर्षीय मुन्ना कुमार मूलत: गया विहार का निवासी था। बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र था। गांव में शादी तय हो गई थी। फरवरी 2019 में शादी थी। सेना में जाना चाहता था। तीन बार प्रयास किया। सफलता नहीं मिली। रेलवे में नौकरी को कई परीक्षाएं दीं। नौकरी नहीं मिली। बेरोजगारी से टूट चुका था। उसे लगने लगा था कि परिवार पर बोझ बन गया है।मंगलवार की रात लगभग तीन बजे फेसबुक पर उसकी फांसी का लाइव शो चला। सैकड़ों दोस्तों ने देखा। किसी ने बचाने का प्रयास नहीं किया। उसने बकायदा दोस्तों को दिखाया। फांसी का फंदा तैयार हो गया है। सुसाइड नोट भी लिख लिया है। दोस्त यही समझते रहे कि कोई नया खेल है। कुछ दोस्तों ने जरूर कमेंट किए कि ऐसा न कर। कुछ ने उसकी हंसी उड़ाई। लगभग 39 मिनट का वीडियो है। इतनी देर तक दोस्तों ने मौत का तमाशा देखा।

शहीद भगत सिंह का फैन था
मुन्ना कुमार शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का फैन था। उसने फेसबुक पर शहीद भगत सिंह फैन क्लब भी बना रखा था। उनकी यात्रा भी निकालता था। उसके कमरे में भी भगत सिंह के पोस्टर लगे हुए थे। घटना ने परिजनों को हिला दिया है। रो-रोकर सभी बेहाल हैं। अब अहसास हो रहा है कि बेटा कितना परेशान था। बेरोजगारी ने उसे तोड़ दिया था।

अपनी ही जिंदगी से नफरत हो गई
मुन्ना कुमार ने चार पेज का सुसाइड नोट लिखा। उसमें उसने लिखा कि अपनी ही जिंदगी से नफरत हो गई है। जीना चाहता था मगर अब जीने की कोई वजह नहीं बची। उसकी असफलता का कारण उसका आलस है। वह सोता रहा इसलिए खोता रहा। काम के न काज के दुश्मन अनाज के। उसे अपनी जिंदगी ऐसी लगने लगी थी। कभी तो वह दिन और रात सोता रहता। घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। वह चाहता था कि कम रोटी मिले, मगर सब खुश रहें। पर ऐसा नहीं हो रहा था। उसके आलस के कारण घर में सभी नाराज होते थे।

जय हिंद, जय भारत
फंदे पर लटकने से पहले मुन्ना कुमार ने जय हिंद-जय भारत बोला था। उसने सिक्कों से भारत का झंडा भी बनाया। सुसाइड नोट में अपने माता-पिता से माफी मांगी। तीन भाइयों और एक बहन में वह सबसे बड़ा था। माता पिता के लिए उसने लिखा कि उनका लायक बेटा नहीं बन सका। उसने पुलिस के लिए भी लिखा कि अपनी मौत का वह खुद जिम्मेदार है। किसी को परेशान नहीं किया जाए।

दुबई से आया भाई का फोन
मुन्ना के पिता ने बताया कि सुबह चार बजे फोन आने पर उनकी आंख खुली। वह पत्नी गीता के साथ परचून की दुकान में सो रहे थे। दुबई से भतीजे का फोन आया था। उसने बताया कि मुन्ना को देखो। वह मर रहा है। इसी दौरान बिहार से मुन्ना के होने वाले ससुर का फोन आया। उन्होंने भी बताया कि फेसबुक पर लाइव चल रहा है। वह दौड़कर कमरे में पहुंचे। बेटे की मौत हो चुकी थी।

बचाई जा सकती थी जान
फेसबुक पर मुन्ना का नंबर भी लिखा हुआ है। दोस्त चाहते तो उसे बचा सकते थे। जिस समय उसने फांसी का फंदा लाइव दिखाया था। उसी समय 100 नंबर पर सूचना देकर उसे बचाया जा सकता था। पुलिस को सिर्फ उसका नंबर बता दिया जाता। पुलिस उसे खोज लेती। शायद एक जिंदगी बच जाती।