सिर्फ उन्हीं बातों को सुनें जो आपको मजबूत बनाएं

एक बार खड़ी चढ़ाई वाले पहाड़ पर पर्वतारोहण की प्रतियोगिता हुई। इसमें इसमें बहुत से पर्वतारोहियों और नौजवानों ने हिस्सा लिया।

बहुत से लोग इस प्रतियोगिता को देखने के लिए भी पहुंचे थे। लेकिन प्रतियोगिता शुरू होने से पहले जितने भी दर्शक थे यही बातें कर रहे थे इस पहाड़ पर चढ़ना बहुत मुश्किल है। कोई चढ़ने की कोशिश करेगा भी तो बीच रास्ते से ही टपक जाएगा।

लोग कह रहे थे कि यह पहाड़ इतना ज्यादा सीधा है कि इसकी चोटी तक चढ़ पाना किसी के लिए भी असंभव है। इससे क्या हुआ कि लगातार निराशाजनक बातें सुनकर कई प्रतियोगी निराश हो गए और पहाड़ पर चढ़ाई करने का इरादा बदल लिया। कुछ ले चढ़ने की कोशिश भी की तो सफल नहीं क्योंकि आस पास के लोगों से उन्होंने जो बातें सुनी थी उससे वे काफी डर चुके थे।

सभी के प्रतियोगिता छोड़ने के बीच एक ऐसा भी प्रतियोगी था जो अभी भी लगा हुआ था। वह हर बार नीचे गिरता और ऊपर चढ़ता। उसने कई बार ऐसा किया और आखिरकार वह ऊपर चढ़ने में कामयाब हो ही गया। इसके बाद लोगों ने उससे पूछा कि सब वापस आ गए थे तो भी आपने हार क्यों नहीं मानी।

जीते हुए प्रतियोगी ने इस पर जवाब दिया कि वह केवल उन्हीं बातों को सुनता है, जिससे वह मजबूत बने। वह उन बातों को नहीं सुनता जो उसे कमजोर बनाती हैँ।

कहानी का सार : आपको सिर्फ उन्हीं बातों पर ध्यान देना चाहिए जो आपके लक्ष्य को हासिल करने में मदद करती हो।