सिर्फ मेहनत से मिलती है सफलता

सफलता मेहनत से मिलती है, इसके लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता है। शॉर्टकट के बल पर हासिल की गई सफलता कुछ समय के लिए ही टिकती है।

यह सच है कि इसका रास्ता मुश्किलों भरा, लंबा और कुछ हद तक तन्हा होता है। मगर सफलता का एहसास इस रास्ते की सारी तकलीफें भुलाने के लिए काफी होता है। हालांकि अपनी मंजिल का रास्ता चुनते समय हमें यह हमेशा याद रखना चाहिए कि मंजिल तक पहुंचने के लिए हम जिस छोटे रास्ते का चुनाव कर रहे हैं, उसकी हमें क्या कीमत चुकानी पड़ सकती है। जैसे कि जंगल में चैन की जिंदगी गुजार रही सुनहरे परों वाली चिडि़या के साथ हुआ। उसे शॉर्टकट चुनने की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।

सुनहरे पंखों वाली यह चिडि़या जंगल में इधर-उधर फुदकते हुए अपने भोजन की तलाश करती थी। आज भी वह अपना स्वादिष्ट भोजन पेड़ों के तनों में रहने वाले कीड़ों को ढूंढ़ रही थी। अचानक उसकी नजर बहुत तेज कदमों से गुजरते एक आदमी पर पड़ी। उसके हाथ में एक छोटा सा लकड़ी का बक्सा नजर आ रहा था। चिडि़या को कुछ अजीब सा लगा और उसने उस व्यक्ति से जल्दबाजी का कारण पूछा। चिडि़या ने पूछा कि आप कौन हैं और कहा जा रहे हैं? कोई मदद की जरूरत तो नहीं है। इस पर उस शख्स ने बताया कि वह एक किसान है और जंगल के उस पार बसे गांव के बाजार जा रहा है। वह पास के ही गांव में रहता है। इसके बाद चिडि़या ने उससे लकड़ी के बक्से के बारे में पूछा। किसान ने बताया कि बक्से में पेड़ों के तनों में रहने वाले कीड़े हैं जो वह एक सुनहरे पंख के बदले बाजार में बेचना चाहता है।

उसकी बात सुनते ही चिडि़या कर आंखों में चमक और मुंह में पानी आ गया। उसने किसान से कहा कि अगर आप इस बक्से को मुझे दे दें, तो इसके बदले में मैं आपको अपना एक सुनहरा पंख दे दुंगी। मेरे पास बहुत सारे पंख हैं। यह सुन के किसान भी खुश हो गया क्योंकि उसे आधे रास्ते पर ही बिना बाजार गए सुनहरा पंख मिल गया, किसान ने भी हां करके कीड़ों से भरा बक्सा उस सुनहरे पक्षी को दे दिया। उस सुनहरे पक्षी ने किसान से जाते समय एक और सवाल किया। उसने पूछा, क्या आप हर दिन मेरे लिए कीड़ों से भरा बक्सा ला सकते हैं? अगर आप ऐसा करेंगे तो मैं आपको हर दिन अपना एक पंख दूंगी। यह सुन कर किसान खुश हो गया और प्रतिदिन दिन सुनहरे पक्षी के लिए कीड़ों से भरा बक्सा लाने लगा।

उस सुनहरे पक्षी के दिन बहुत अच्छे से बीतने लगे। किसान रोज उसके लिए कीड़ों भरा बक्सा लाकर देता और बदले में पक्षी उसे अपना एक सुनहरा पंख दे देती। ऐसा करते-करते कई दिन बीत गए। एक ऐसा दिन आया जब उस सुनहरे पक्षी के सभी पंख समाप्त हो गए और वह उड़ने में भी असमर्थ हो गया। अब वह हिल-डुल भी नहीं पाता था। सुनहरे पंख खत्म हो जाने की वजह से किसान ने भी उसके लिए कीड़े लाने बंद कर दिए थ। अब वह खाने की तलाश में जाने में भी असमर्थ थी। कुछ ही दिनों में उसकी मृत्यु हो गई। यह कहानी भले ही छोटी हो, मगर इससे बहुत गहरी सीख मिलती है।

इस कहानी से 3 बातें सीख सकते हैं :

  • सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत करने से कभी नहीं चूकना चाहिए। मेहनत के बल पर हासिल की गई सफलता लंबे समय तक चलती है।
  • शॉर्टकट से बचना चाहिए। शॉर्टकट हमें तुरंत मंजिल पर पहुंचा सकता है, मगर इसके एवज में हमें कहीं कोई भारी कीमत न चुकानी पड़ जाए।
  • आपकी मंजिल पर पहुंचने की हड़बड़ी का कोई और फायदा तो नहीं उठा रहा है। हमारे आसपास ऐसे बहुत से लोग होते हैं। इनका काम सिर्फ अपना मकसद पूरा करना होता है।