स्मार्ट कार्ड से होगी देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के स्टूडेंटस की पहचान

 देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के 16 हजार स्टूडेंटस स्मार्ट कार्ड से लैस होंगे। सभी विभागों के स्टूडेंटस का डाटा सर्वर में रहेगा और विभाग में प्रवेश करने के लिए कार्ड पंच करना होगा। इससे स्टूडेंटस की उपस्थिति अपने आप दर्ज होगी और कैंपस की सुरक्षा बेहतर हो सकेगी। ऐसा आईआईटी इंदौर की तर्ज पर किया जा रहा है। आईआईटी में मुख्य गेट पर स्मार्ट कार्ड पंच करने के बाद ही स्टूडेंटस अंदर आ पाते हैं।

कुलपति डॉ. नरेंद्र धाकड़ का कहना है देश की कई यूनिवर्सिटी में स्टूडेंटस के स्थाई पहचान पत्र बनाए जा रहे हैं। इसे देखते हुए यूनिवर्सिटी भी अपने स्टूडेंटस को स्मार्ट कार्ड से लैस करना चाहती है। इससे कई तरह की समस्या दूर हो सकेगी। अभी बाहरी स्टूडेंट भी कैंपस में आ जाते हैं। इससे कई बार विवाद की स्थिति बन जाती है। एक बड़ी समस्या उपस्थिति की भी आती रही है।

कई बार स्टूडेंट कक्षाओं में पहुंच तो जाते हैं, लेकिन कुछ लेक्चर के बाद वापस चले जाते हैं। स्मार्ट कार्ड बन जाने के बाद यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आने और विभाग से जाने के समय हर स्टूडेंट मशीन में कार्ड पंच करे। इससे सही उपस्थिति पता लग सकेगी। किसी स्टूडेंट का कार्ड कोई दूसरा स्टूडेंट उपयोग न कर पाए, इसके लिए हर साल कार्ड को अपडेट किया जाएगा। इसके लिए स्मार्ट कार्ड बनाने वाली कंपनियों से बातचीत की जा रही है।

यूनिवर्सिटी के 32 विभागों में 16 हजार स्टूडेंट पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर स्टूडेंट बाहर के होते हैं। यूनिवर्सिटी और प्राइवेट हॉस्टलों में रहते हैं। स्टूडेंट के पास पहचान पत्र नहीं होने पर कई बार इनकी पहचान सुनिश्चित करना मुश्किल होता है। स्मार्ट कार्ड बनने के बाद स्टूडेंट इससे साबित कर सकेंगे कि वे यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करते हैं। यूनिवर्सिटी के इंडियन कॉफी हाउस में भी स्मार्ट कार्ड दिखाना होगा ताकि बाहरी स्टूडेंट के कारण माहौल खराब न हो।

अधिकारियों का कहना है कि पांच से छह महीने में स्मार्ट कार्ड बनाने का काम पूरा हो जाएगा। कार्ड पर एक यूनिक नंबर होगा। यूनिवर्सिटी भी अपने कंप्यूटर में यूनिक नंबर डालकर स्टूडेंट की पूरी जानकारी एक क्लिक पर पता कर सकेंगे। बाहरी स्टूडेंट पर रोक लगाने के लिए यूनिवर्सिटी के खंडवा रोड कैंपस के मुख्य गेट पर एक पंच मशीन लगाई जाएगी। हर विभाग में भी मशीनें होगी। इससे स्टूडेंट के आने-जाने का समय दर्ज हो सकेगा।